फारूक अब्दुल्ला बोले, रोहिंग्याओं को वापस भेजो
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नेशनल कांफ्रेंस ने भी रियासत में रोहिंग्या मुस्लिमों के बसने पर विरोध दर्ज कराया है। पार्टी का कहना है कि इन्हें ससम्मान वापस भेजा जाना चाहिए। केंद्र सरकार इस दिशा में आवश्यक पहल करे। ये विदेशी हैं और इन्हें यहां रहने का कोई हक नहीं है।
पार्टी अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला का साफ कहना है कि ये भारतीय नागरिक नहीं हैं, फिर इन्हें जम्मू में बसने की अनुमति क्यों दी गई। उनके शासनकाल में यह समस्या नहीं थी। ये यहां कैसे आए और कैसे बसे यह तो नहीं पता लेकिन विदेश मंत्रालय को चाहिए कि इन्हें बाइज्जत वापस भेजा जाए।
इसके साथ ही विदेश मंत्रालय को म्यांमार सरकार के समक्ष यह बात पुरजोर तरीके से रखनी चाहिए कि वह मानवाधिकार हनन के मामलों को रोके। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीरी मुसलमान जब यहां रहने के लिए आ रहे थे तो भाजपा काफी हो हल्ला मचाती थी कि यहां का डेमोग्राफी बदली जा रही है। इससे आने वाले दिनों में संकट उत्पन्न हो जाएगा। अब तो केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, फिर रोहिंग्या समस्या का हल क्यों नहीं किया जा रहा।
सुषमा स्वराज से खुद भी बात करेंगे फारूक
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के स्वस्थ होने पर वे स्वयं इस मुद्दे पर उनसे बात करेंगे। कहा जाएगा कि रियासत को रोहिंग्याओं से मुक्त कराया जाए। इतनी दूर आकर बसने का कोई कारण समझ में नहीं आ रहा है।
उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया कि नेकां के कार्यकाल में रोहिंग्या आकर बसे। उनके समय में कश्मीरी मुसलमान जरूर आए थे, जिसको लेकर भाजपा हल्ला गुल्ला मचाती थी। अब सारे खामोश बैठे हैं।