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कश्मीर में फिर मुस्लिम समुदाय ने पेश की भाईचारे की मिसाल

Wed, 18 May 2016 10:56 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Wed, 18 May 2016 10:56 PM IST
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Example of brotherhood
मुस्लिम समुदाय - फोटो : Amar Ujala
बर्बर शाह इलाके में बुधवार को एक बार फिर कश्मीरी भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। इस दौरान कश्मीरी मुसलमानों ने एक कश्मीरी पंडित महिला के अंतिम संस्कार का सारा प्रबंध किया। 
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रूपा शौरी (89 वर्ष) का देहांत बुधवार को बर्बर शाह इलाके में उनके घर पर हुआ, जहां वह पति डा. त्रिलोक नाथ गंजू के साथ रह रही थीं।

उनकी एक बेटी भी है, जो श्रीनगर के बेमिना इलाके में रहती है। रूपा के पति त्रिलोक नाथ ने बताया कि वह 1990 से यहां पर हैं, जब कश्मीरी पंडित समुदाय ने पलायन किया था। हमारे पास अच्छे विकल्प थे, लेकिन यहीं रहने का फैसला लिया।
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कभी भी यहां अपने को असुरक्षित महसूस नहीं किया, खासकर मेरी पत्नी ने। उनकी कई मुस्लिम महिलाएं सहेलियां थी। यही वजह रही कि वह इस जगह को नहीं छोड़ सकीं। रूपा के निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय में भी शोक की लहर दौड़ गई। घर पर लोगों का तांता लग गया।
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स्थानीय मोहम्मद यासीन ने कहा कि वह मेरी बहन जैसी थीं। मैं कोई काम करने से पहले उनसे सलाह लिया करता था। वहीं मोहम्मद सुब्हान ने कहा कि अपने पड़ोसियों की मदद करना हमारा फर्ज है, हमने वहीं किया। हमने अपना पड़ोसी खोया है। रूपा के रिश्तेदारों के साथ मिलकर कश्मीरी मुसलमानों ने अंतिम संस्कार का प्रबंध किया। 
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