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पुलवामा के त्राल में आतंकियों से मुठभेड़, मारा गया 12 लाख का मोस्टवांटेड आतंकी जाकिर मूसा
Thu, 23 May 2019 08:29 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 23 May 2019 08:29 PM IST
सार
- हिंसा की आशंका में मोबाइल इंटरनेट ठप, स्कूल कालेज बंद
- घाटी में सुरक्षा बढ़ाई गई, जगह-जगह नाके लगाए गए
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आतंकी जाकिर मूसा
- फोटो : फाइल
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंक के पर्याय अंसार गजवा-तुल-हिंद के सरगना जाकिर मूसा को सुरक्षा बलों ने गुरुवार को मार गिराया। उस पर 12 लाख रुपये का इनाम था। हिंसा की आशंका में शुक्रवार को घाटी के सभी स्कूल कालेज को बंद रखने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई। यह आतंकवाद के मोर्चे पर सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के डडसारा में गुरुवार की शाम आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर 42 राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ तथा एसओजी ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया। आतंकी जहां छिपे थे सुरक्षा बलों ने वहां पहुंचकर आतंकी सरगना को सरेंडर करने को कहा, लेकिन उसने समर्पण के बजाय यूबीजीएल दागा। जवाबी कार्रवाई में मूसा मारा गया। हालांकि, हिंसा की आशंका में सुरक्षा बलों की ओर से फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
हालांकि सुरक्षा बलों से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि आतंकी सरगना मार दिया गया है। मुठभेड़ के बाद पूरी घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। साथ ही प्रमुख तथा संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया। जगह-जगह रास्ते पर नाके लगाकर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी गई।
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बुरहान का सहयोगी था मूसा
जाकिर 2013 में हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। वह बुरहान वानी का लंबे समय तक सहयोगी रहा था। वह इस संगठन का कमांडर भी था। बाद में 2017 में वह अल कायदा के संगठन अंसार गज्वातुल हिंद में शामिल हो गया। बताते हैं कि उसने हुर्रियत नेताओं का सिर कलम किए जाने की धमकी दी थी। इसके बाद से हिजबुल मुजाहिदीन ने उससे नाता तोड़ लिया था।
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दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के डडसारा में गुरुवार की शाम आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर 42 राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ तथा एसओजी ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया। आतंकी जहां छिपे थे सुरक्षा बलों ने वहां पहुंचकर आतंकी सरगना को सरेंडर करने को कहा, लेकिन उसने समर्पण के बजाय यूबीजीएल दागा। जवाबी कार्रवाई में मूसा मारा गया। हालांकि, हिंसा की आशंका में सुरक्षा बलों की ओर से फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
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हालांकि सुरक्षा बलों से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि आतंकी सरगना मार दिया गया है। मुठभेड़ के बाद पूरी घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। साथ ही प्रमुख तथा संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया। जगह-जगह रास्ते पर नाके लगाकर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी गई।
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बुरहान का सहयोगी था मूसा
जाकिर 2013 में हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। वह बुरहान वानी का लंबे समय तक सहयोगी रहा था। वह इस संगठन का कमांडर भी था। बाद में 2017 में वह अल कायदा के संगठन अंसार गज्वातुल हिंद में शामिल हो गया। बताते हैं कि उसने हुर्रियत नेताओं का सिर कलम किए जाने की धमकी दी थी। इसके बाद से हिजबुल मुजाहिदीन ने उससे नाता तोड़ लिया था।