Kulgam Encounter: तंगमर्ग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, गोलीबारी थमी, तलाशी अभियान जारी
पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रखे हैं। इसी बीच कुलगाम जिले के तंगमर्ग इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इस बीच आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जिसका जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है।
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कुलगाम के तंगमर्ग में बुधवार की शाम सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई। अब गोलीबारी बंद हो गई है। तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने कुलगाम जिले के तंगमर्ग इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। आतंकवादियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी की गई, जिसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
इससे पहले कल यानि मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाने वाले आतंकियों ने कहा- तुम्हें नहीं मारेंगे, जाओ मोदी को बता दो
मृतकों में कर्नाटक के शिवमोगा के कारोबारी मंजुनाथ राव शामिल हैं। मंजुनाथ की पत्नी ने बताया कि आतंकियों ने उनके पति को सिर में गोली मारी। मैंने उनसे कहा, मेरे पति को मार दिया, मुझे भी मार दो। इस पर आतंकी बोले- तुम्हें नहीं मारेंगे, जाओ मोदी को बता दो। एक दिन पहले ही मंजुनाथ ने सोशल साइट पर वीडियो डालकर कहा था कि वहां घूमने में बहुत आनंद आ रहा है।
पहलगाम हमले की टीआरएफ ने ली है जिम्मेदारी
हमले में करीब 20 लोग घायल हुए हैं। हालांकि सरकार ने अभी सिर्फ 16 मौतों की पुष्टि की है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने देर रात कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है।
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आई गोलियों की आवाज
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम के वातू अहर्बल क्षेत्र में बुधवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान गोलियों की आवाजें सुनी गई। सूत्रों के अनुसार, विशेष सूचना पर पुलिस और सेना की एक संयुक्त टीम द्वारा बुधवार को वातू अहर्बल क्षेत्र में एक कॉर्डन और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। खोज जारी रहने के दौरान कुछ गोलियों की आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद क्षेत्र के चारों ओर सीमा को मजबूत कर दिया गया। जगह-जगह पर रोशनी का इंतजाम किया गया है और सर्च ऑपरेशन जारी है।