प्रदर्शन से आहत बिजली विभाग के जेई की मौत
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बिजली बंद होने पर लोगों के गुस्से का शिकार हुए बिजली विभाग के जेई अशोक गुप्ता की हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। गुप्ता की मौत के बाद विभाग ने पुलिस में ओपन मामला दर्ज कराया और बिजली ठीक करने फील्ड में जाने वाले अधिकारियों को सुरक्षा देने की मांग की।
बिजली विभाग के एक्सीएन संदीप सेठ के अनुसार शुक्रवार शाम साढ़े तीन बजे से लेकर देर शाम तक सैलां तालाब, गैंडा तालाब, बटल बालियां क्षेत्र में बिजली बंद रही। बिजली बंद होने की सूचना पाकर विभाग ने अधिकारियों की टीम को मौके पर भेजा। क्षेत्र में 33 केवीए की लाइन खराब होने के कारण बिजली बंद हुई थी। इसी बीच, अशोक गुप्ता भी मौके पर पहुंचे।
लोगों ने की हाथापाई और गाली-गलोच
नौ बजे के करीब लोग अपने घरों से बाहर आ गए। लोगों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों को बुरा-भला कहने लगे। लोगों ने जेई से हाथापाई और गाली-गलोच की। हालांकि पौने दस बजे बिजली सप्लाई बहाल हो गई। इसके बाद भी लोग जेई को प्रताड़ित करते रहे। किसी तरह वह लोगों के चंगुल से निकलकर घर पहुंचे।
अशोक गुप्ता पूरी रात मानसिक तनाव में रहे। लोगों की प्रताड़ना से वह दहशत थे। रातभर सौ भी नहीं सके। शनिवार की सुबह अचानक उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई।
विभाग ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लेकर जिलाधीश से मुलाकात की। प्रताड़ित व हाथापाई करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आवेदन भी दिया। जिलाधीश के मामला पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ खुला मामला दर्ज किया।
पहचाने गए हाथापाई के दो आरोपी
पुलिस के अनुसार दो लोगों को पहचान भी लिया गया है। जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई है। पुलिस के अनुसार फिलहाल किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है।
संदीप सेठ के अनुसार पहले भी पुलिस से कहा गया कि वह फील्ड में जाने वाले अधिकारियों को सुरक्षा दे। लेकिन कोई सुरक्षा नहीं दी जाती रही। पुलिस के अनुसार खुला मामला दर्ज किया है। पुलिस मौके पर जाकर छानबीन कर रही है।
शांत स्वभाव के थे अशोक
जेई अशोक गुप्ता शांत स्वभाव के थे। घर में वही एक पुरुष सहारा थे। अशोक गुप्ता के दो बेटे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया। बड़ा बेटा दसवीं और छोटा बेटा छठी कक्षा का छात्र है। उनके बड़े भाई का भी कुछ साल पहले ही देहांत हो चुका है।
घर में वह एक बड़े पुरुष सदस्य थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार अशोक गुप्ता से कभी भी किसी ने बदतमीजी नहीं की और लोगों में उनका काफी सम्मान था। इसलिए वे दुर्व्यवहार नहीं सह सके।