अनंतनाग लोकसभा सीट पर उपचुनाव टालने के मूड में नहीं है चुनाव आयोग
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चुनाव आयोग अनंतनाग उपचुनाव टालने के मूड में नहीं है। रमजान के महीने की शुरुआत 27 मई से हो रही है। इसलिए आयोग ने उससे पहले 25 मई को चुनाव कराने का एलान किया था। रियासत सरकार ने कश्मीर में खराब माहौल के मद्देनजर मतदान की तिथि टालने का अनुरोध किया है।
कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस समेत विपक्षी दल भी फिलहाल चुनाव नहीं चाहते हैं। हालांकि विपक्षी दलों का तर्क अलग है। विपक्ष रियासत सरकार की बर्खास्तगी के बाद चुनाव चाहता है। इस बीच आयोग और राज्य के निर्वाचन विभाग ने 25 मई को मतदान के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सूत्रों के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में चुनाव आयोग की केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि के साथ हुई बैठक में अनंतनाग उपचुनाव पर चर्चा जरूर हुई, लेकिन यह बैठक अकेले अनंतनाग चुनाव के लिए नहीं थी। यह रूटीन बैठक का हिस्सा था।
संसदीय सीट खाली होने से 6 महीने में चुनाव अनिवार्य
अनंतनाग उपचुनाव के लिए विधिवत बैठक में राज्य सरकार के प्रतिनिधि और जम्मू कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की भी शिरकत होगी। यह बैठक मई के पहले सप्ताह में हो सकती है। इस बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी शांतमनु 25 मई को मतदान के लिए दो दिनों के अंदर समीक्षा बैठक करने वाले हैं।
इस बैठक में रियासत सरकार के अधिकारी शामिल होंगे। सीईओ की सियासी दलों के साथ भी अलग बैठक होगी। संवैधानिक व्यवस्था के तहत संसदीय सीट खाली होने के बाद छह माह के अंदर चुनाव कराया जाना जरूरी है। इस हिसाब से अनंतनाग में 3 जनवरी तक ही चुनाव करा लिया जाना चाहिए था।
आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद कश्मीर में फैली हिंसा के बाद इस अवधि को छह माह के लिए बढ़ाया गया। यह अवधि 3 जुलाई को समाप्त हो रही है। अब इस तिथि को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी लेनी होगी। चूंकि संसद का सत्र नहीं चल रहा है, इसलिए जम्मू कश्मीर के सीईओ को केंद्र सरकार के पास रिपोर्ट भेजनी होगी। केंद्र सरकार का विधि मंत्रालय राष्ट्रपति से मंजूरी लेगा, तभी चुनाव को 3 जुलाई से आगे खिसकाया जा सकता है।