फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   election commission not is mood of postponing elections in Anantnag

अनंतनाग लोकसभा सीट पर उपचुनाव टालने के मूड में नहीं है चुनाव आयोग

Fri, 21 Apr 2017 01:59 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू Updated Fri, 21 Apr 2017 01:59 PM IST
विज्ञापन
election commission not is mood of postponing elections in Anantnag
चुनाव आयोग - फोटो : File Photo

चुनाव आयोग अनंतनाग उपचुनाव टालने के मूड में नहीं है। रमजान के महीने की शुरुआत 27 मई से हो रही है। इसलिए आयोग ने उससे पहले 25 मई को चुनाव कराने का एलान किया था। रियासत सरकार ने कश्मीर में खराब माहौल के मद्देनजर मतदान की तिथि टालने का अनुरोध किया है।

विज्ञापन


कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस समेत विपक्षी दल भी फिलहाल चुनाव नहीं चाहते हैं। हालांकि विपक्षी दलों का तर्क अलग है। विपक्ष रियासत सरकार की बर्खास्तगी के बाद चुनाव चाहता है। इस बीच आयोग और राज्य के निर्वाचन विभाग ने 25 मई को मतदान के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। 
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में चुनाव आयोग की केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि के साथ हुई बैठक में अनंतनाग उपचुनाव पर चर्चा जरूर हुई, लेकिन यह बैठक अकेले अनंतनाग चुनाव के लिए नहीं थी। यह रूटीन बैठक का हिस्सा था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

संसदीय सीट खाली होने से 6 महीने में चुनाव अनिवार्य

election commission not is mood of postponing elections in Anantnag
6 महीने में चुनाव अनिवार्य - फोटो : डेमो फोटो

अनंतनाग उपचुनाव के लिए विधिवत बैठक में राज्य सरकार के प्रतिनिधि और जम्मू कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की भी शिरकत होगी। यह बैठक मई के पहले सप्ताह में हो सकती है। इस बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी शांतमनु 25 मई को मतदान के लिए दो दिनों के अंदर समीक्षा बैठक करने वाले हैं।

इस बैठक में रियासत सरकार के अधिकारी शामिल होंगे। सीईओ की सियासी दलों के साथ भी अलग बैठक होगी। संवैधानिक व्यवस्था के तहत संसदीय सीट खाली होने के बाद छह माह के अंदर चुनाव कराया जाना जरूरी है। इस हिसाब से अनंतनाग में 3 जनवरी तक ही चुनाव करा लिया जाना चाहिए था।

आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद कश्मीर में फैली हिंसा के बाद इस अवधि को छह माह के लिए बढ़ाया गया। यह अवधि 3 जुलाई को समाप्त हो रही है। अब इस तिथि को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी लेनी होगी। चूंकि संसद का सत्र नहीं चल रहा है, इसलिए जम्मू कश्मीर के सीईओ को केंद्र सरकार के पास रिपोर्ट भेजनी होगी। केंद्र सरकार का विधि मंत्रालय राष्ट्रपति से मंजूरी लेगा, तभी चुनाव को 3 जुलाई से आगे खिसकाया जा सकता है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed