जम्मू-कश्मीरः पीडीपी के हाजी अनायत सहित आठ नेता भाजपा में शामिल, कारगिल में बढ़ रहा कमल का प्रभाव
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जम्मू-कश्मीर विधान परिषद के चेयरमैन एवं पीडीपी के बड़े नेताओं में शुमार हाजी अनायत अली समेत मुस्लिम बहुल कारगिल जिले के सात और प्रमुख नेताओं के सोमवार को भाजपा में शामिल होने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पार्टी का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
लद्दाख संभाग के दो जिलों में से लेह बौद्ध बहुल है और यहां पर पहले से ही भाजपा का जनाधार अच्छा खासा है और इसी जिले के जनाधार के आधार पर लद्दाख की एक मात्र लोकसभा सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की। दूसरा जिला कारगिल मुस्लिम बहुल होने से यहां नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी को अच्छा खासा समर्थन मिलता रहा लेकिन अनुच्छेद 370 हटने और मोदी सरकार के लद्दाख को बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने के फैसले के बाद कारगिल में भी फिजा बदल गई है।
370 हटने से लोग बहुत खुश हैं : रैना
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैना का कहना है कि राज्य विधान परिषद के चेयरमैन एवं कारगिल में पीडीपी के प्रमुख नेता हाजी अनायत अली के अलावा लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद, कारगिल के मुख्य कार्यकारी काउंसलर मोहम्मद अली हसन, मोहसिन अली, जाहिर हुसैन बाबर, काचो गुलजार हुसैन, असादुल्ला मुंशी, मोहम्मद इब्राहिम और ताशी सीरिंग के भाजपा में शामिल होने से साफ हो गया है कि अनुच्छेद 370 और 35ए के हटने से मुस्लिम बहुल कारगिल जिले में भी लोग बेहद खुश हैं।
ऐसे में जो दल अनुच्छेद हटाने का विरोध कर रहे हैं उनकी पोल एक बार फिर खुल गई है। भाजपा राष्ट्रवादी दल है लगातार उसका ग्राफ बढ़ रहा है। लोग भाजपा की नीतियों और कार्यक्रम से खुश हैं। राष्ट्र के हितों के खिलाफ काम करने वाले दलों से लोग खफा हैं।