आरएस पुरा। देश के पहले शिक्षा मंत्री स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान और प्रख्यात शिक्षाविद् मौलाना अब्दुल कलाम आजाद की जयंती के उपलक्ष्य में डिग्री कॉलेज में शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया गया। राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली स्थापित करने के लिए उनका काम लोकतांत्रिक राज्य में उनके बड़े योगदान में से एक है। जिसे आज देश संचालित करता है। इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी कराई गई। कार्यक्रम का संचालन प्रो. स्वाति, एचओडी शिक्षा ने किया।
मुख्य अतिथि प्राचार्या प्रो. सुनील उप्पल ने कहा कि मौलाना आजाद को भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास के अग्रणी अभियानों में से एक के रूप में जाना जाता है। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के लिए इस राष्ट्रीय शिक्षा दिवस-2022 का विषय पाठ्यक्रम बदलना, शिक्षा बदलना है। यह शिक्षा प्रणाली में सुधार और इसे वर्तमान समय के अनुकूल बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि अच्छा संचार स्थापित करने का महत्व छात्र के विकास और भविष्य की शिक्षा में महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर उप्पल ने कहा कि भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के उपलक्ष्य में हर साल राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश की शिक्षा प्रणाली में मौलाना आजाद के योगदान को स्वीकार करने और सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। वहीं राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर कॉलेज में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में करीब 30 छात्रों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने थीम पर सुंदर पोस्टर बनाए। पहला स्थान अंजलि मेहरा और उदिता सिंह ने हासिल किया जबकि दूसरा स्थान नीतू कुमारी ने और तीसरा स्थान अमीषा खजूरिया ने हासिल किया।