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आरएस पुरा में खोला जाऐ केन्द्रीय विद्यालय स्कूल
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आरएस पुरा। क्षेत्र के लोगों ने कस्बे में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की मांग की है। ताकि बच्चों को अधिक दूर न जाना पडे़। समाजसेवी कैलाशपति शर्मा ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के बच्चों को केंद्रीय विद्यालय नहीं होने पर मीरां साहिब या जम्मू जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इस समय सई, मगगेवाली, रठाना, दवलैड, सुचेतगढ़ आदि के ग्रामीणों के बच्चों को केवी स्कूल नहीं होने पर हर रोज 30 से 40 किलोमीटर की दूर पर जाना पड़ता है। पहले मीरां साहिब कस्बे में केवी स्कूल था। लगभग दस वर्ष पहले इसे तीन किलोमीटर की दूरी गांव शेरगढ़ में स्थानांतरित किया गया है। मीरां साहिब पहुंचने के बाद दूसरा वाहन पकड़कर बच्चों को शेेरगढ़ जाना पड़ता है। जंग बहादुर मनहास का कहना है कि आरएस पुरा सेंटर प्लेस होने पर बच्चों को आने जाने के लिए राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के ग्रामीणों को केवी स्कूलों में शिक्षा दिलाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
आरएस पुरा में केवी खुलने पर लोगों को राहत मिलेेगी। सीमावर्ती गांव निकोवाल के रमेश चौधरी का कहना है कि सेवानिवृत्त व अन्य सेना के जवानों व अधिकारियों के बच्चों को केवी स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर बच्चों का दाखिला होता है। दूर स्कूल होने पर इसका लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में पहले पाकिस्तान की ओर से फायरिंग के चलते बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती थी। दो वर्ष से कोरोना के चलते बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। केंद्र सरकार अगर आरएस पुरा में केवी खोलती है तो इससे सीमावर्ती क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने पर राहत मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि इस समय सई, मगगेवाली, रठाना, दवलैड, सुचेतगढ़ आदि के ग्रामीणों के बच्चों को केवी स्कूल नहीं होने पर हर रोज 30 से 40 किलोमीटर की दूर पर जाना पड़ता है। पहले मीरां साहिब कस्बे में केवी स्कूल था। लगभग दस वर्ष पहले इसे तीन किलोमीटर की दूरी गांव शेरगढ़ में स्थानांतरित किया गया है। मीरां साहिब पहुंचने के बाद दूसरा वाहन पकड़कर बच्चों को शेेरगढ़ जाना पड़ता है। जंग बहादुर मनहास का कहना है कि आरएस पुरा सेंटर प्लेस होने पर बच्चों को आने जाने के लिए राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के ग्रामीणों को केवी स्कूलों में शिक्षा दिलाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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आरएस पुरा में केवी खुलने पर लोगों को राहत मिलेेगी। सीमावर्ती गांव निकोवाल के रमेश चौधरी का कहना है कि सेवानिवृत्त व अन्य सेना के जवानों व अधिकारियों के बच्चों को केवी स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर बच्चों का दाखिला होता है। दूर स्कूल होने पर इसका लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में पहले पाकिस्तान की ओर से फायरिंग के चलते बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती थी। दो वर्ष से कोरोना के चलते बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। केंद्र सरकार अगर आरएस पुरा में केवी खोलती है तो इससे सीमावर्ती क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने पर राहत मिलेगी।
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