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हर दसवें घर में एक बच्चे ने किसी न किसी कारण छोड़ा स्कूल
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जम्मू। स्कूल शिक्षा विभाग जम्मू-कश्मीर में स्कूल छोड़ चुके बच्चों का आंकड़ा जुटा रहा है। तीन से 18 वर्ष की आयु के बीच बच्चों को लक्षित किया गया है। अभी तक हुए सर्वे में सामने आया है कि प्रदेश में हर दसवें घर में एक बच्चे ने किसी ने किसी कारण से स्कूल छोड़ा है। अभी तक हुए सर्वे में यह समाने आया की पढ़ाई छोड़ने का कारण परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होना है।
स्कूल शिक्षा विभाग तलाश एप के माध्यम से गांव-गांव जाकर यह सर्वे करवा रहा है। अब सर्वे की समय सीमा को बढ़ाकर 15 जून तक कर दिया गया है, जिसे पहले 31 मई तक रखा गया था।
तलाश एप से शिक्षक घर-घर जाकर स्कूल छोड़ चुके बच्चों के साथ विशेष बच्चों और एक साल में स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या जुटा रहे हैं। इसके बाद इन बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर उनकी आयु के हिसाब से कक्षा में नामांकित किया जाएगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। सर्वे में स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान, ट्रैकिंग और निगरानी की जा रही है। प्रदेश के 188 क्षेत्रों और 20 जिलों में तलाश सर्वे करने के लिए लगभग 23317 सर्वेक्षणकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है। तलाश एप के माध्यम से सर्वे करने वाले शिक्षकों ने बताया कि औसत देखें तो हर दसवें घर में एक बच्चे ने किसी न किसी कारण स्कूल छोड़ा है।
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स्कूल शिक्षा विभाग तलाश एप के माध्यम से गांव-गांव जाकर यह सर्वे करवा रहा है। अब सर्वे की समय सीमा को बढ़ाकर 15 जून तक कर दिया गया है, जिसे पहले 31 मई तक रखा गया था।
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तलाश एप से शिक्षक घर-घर जाकर स्कूल छोड़ चुके बच्चों के साथ विशेष बच्चों और एक साल में स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या जुटा रहे हैं। इसके बाद इन बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर उनकी आयु के हिसाब से कक्षा में नामांकित किया जाएगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। सर्वे में स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान, ट्रैकिंग और निगरानी की जा रही है। प्रदेश के 188 क्षेत्रों और 20 जिलों में तलाश सर्वे करने के लिए लगभग 23317 सर्वेक्षणकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है। तलाश एप के माध्यम से सर्वे करने वाले शिक्षकों ने बताया कि औसत देखें तो हर दसवें घर में एक बच्चे ने किसी न किसी कारण स्कूल छोड़ा है।
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