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Jammu News: पैरा तीरंदाज राकेश, क्रिकेटर आमिर को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएगा जेके बोर्ड
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- नई शिक्षा नीति के तहत स्थानीय नायकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। तमाम शारीरिक और सामाजिक चुनौतियों से लड़कर जीवन में सफलता हासिल करने वाले विशेष खिलाड़ियों व नायकों की कहानियां प्रदेश के स्कूलों में बच्चे पढ़ेंगे। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड कक्षा एक से आठवीं तक के पाठ्यक्रम में इन नायकों की कहानियाें को शामिल रहा है। इनमें पैरा तीरंदाज राकेश कुमार, पैरा क्रिकेटर आमिर को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की योजना बनाई जा रही है।
जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अभी पैरा तीरंदाज शीतल देवी की सफलता की कहानी पांचवीं के हिंदी पाठ्यक्रम और पैरा ताइक्वांडो चंदीप सिंह के पाठ्यक्रम को आठवीं की सोशल साइंस में शामिल किया है। इन पुस्तकों में दोनों के संघर्ष की कहानी को बयां किया है। बोर्ड अब 2026-27 के शैक्षणिक सत्र में राकेश, आमिर सहित अन्य पैरा खिलाड़ियों व अपने क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने लोगों की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करेगा। इस तरह की पहल से स्कूल बच्चे न सिर्फ अपने प्रदेश के नायकों की जीवनी के बारे में जान सकेंगे बल्कि उससे प्रेरित भी होंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की तर्ज पर ही जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड पुस्तकें तैयार किया करता हैं। इसके स्थानीय जरूरत के हिसाब से कुछ बदलाव किए जाते हैं। इसमें स्थानीय संस्कृति, त्यौहार, नायकों की जीवनी को शामिल किया जाता है। इसी कड़ी में बोर्ड स्थानीय नायकों को अपने पाठ्यक्रम को हिस्सा बनाता है। इसके लिए एक समिति बनती है जो इस तरह के नायकों की जीवनी को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनने पर अपने विचार भी रखती है।
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चंदीप की जगह संदीप लिखा
पैरा तीरंदाज शीतल देवी की संघर्ष व सफलता की कहानी पांचवीं कक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा है। हालांकि इसमें पैरा ताइक्वांडो खिलाड़ी चंदीप सिंह का संदर्भ दिया है, लेकिन इसमें चंदीप सिंह की जगह संदीप लिखा गया है। अमर उजाला ने बोर्ड के संज्ञान में यह चूक लाई। इसके बाद बोर्ड ने इसमें जरूरी बदलाव करने की बात कही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। तमाम शारीरिक और सामाजिक चुनौतियों से लड़कर जीवन में सफलता हासिल करने वाले विशेष खिलाड़ियों व नायकों की कहानियां प्रदेश के स्कूलों में बच्चे पढ़ेंगे। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड कक्षा एक से आठवीं तक के पाठ्यक्रम में इन नायकों की कहानियाें को शामिल रहा है। इनमें पैरा तीरंदाज राकेश कुमार, पैरा क्रिकेटर आमिर को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की योजना बनाई जा रही है।
जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अभी पैरा तीरंदाज शीतल देवी की सफलता की कहानी पांचवीं के हिंदी पाठ्यक्रम और पैरा ताइक्वांडो चंदीप सिंह के पाठ्यक्रम को आठवीं की सोशल साइंस में शामिल किया है। इन पुस्तकों में दोनों के संघर्ष की कहानी को बयां किया है। बोर्ड अब 2026-27 के शैक्षणिक सत्र में राकेश, आमिर सहित अन्य पैरा खिलाड़ियों व अपने क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने लोगों की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करेगा। इस तरह की पहल से स्कूल बच्चे न सिर्फ अपने प्रदेश के नायकों की जीवनी के बारे में जान सकेंगे बल्कि उससे प्रेरित भी होंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की तर्ज पर ही जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड पुस्तकें तैयार किया करता हैं। इसके स्थानीय जरूरत के हिसाब से कुछ बदलाव किए जाते हैं। इसमें स्थानीय संस्कृति, त्यौहार, नायकों की जीवनी को शामिल किया जाता है। इसी कड़ी में बोर्ड स्थानीय नायकों को अपने पाठ्यक्रम को हिस्सा बनाता है। इसके लिए एक समिति बनती है जो इस तरह के नायकों की जीवनी को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनने पर अपने विचार भी रखती है।
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चंदीप की जगह संदीप लिखा
पैरा तीरंदाज शीतल देवी की संघर्ष व सफलता की कहानी पांचवीं कक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा है। हालांकि इसमें पैरा ताइक्वांडो खिलाड़ी चंदीप सिंह का संदर्भ दिया है, लेकिन इसमें चंदीप सिंह की जगह संदीप लिखा गया है। अमर उजाला ने बोर्ड के संज्ञान में यह चूक लाई। इसके बाद बोर्ड ने इसमें जरूरी बदलाव करने की बात कही है।
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