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Jammu News: अब हर सरकारी स्कूल में होगा साइबर सुरक्षा का प्रहरी
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- हर स्कूल में एक शिक्षक संभालेगा साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी, मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
- साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग से लेकर जागरूकता अभियान तक निभाएगा अहम भूमिका
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा विभाग हर सरकारी स्कूल और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में एक साइबर फर्स्ट रिस्पॉन्डर बनाने करने जा रहा है। यह शिक्षक संस्थान में साइबर सुरक्षा का नोडल अधिकारी होगा। उसकी जिम्मेदारी साइबर घटनाओं की जानकारी संबंधित स्तर तक पहुंचाने, साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों का समन्वय करने और छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना होगी।
राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के जम्मू संभागीय कार्यालय ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं। यह पहल मंडलायुक्त जम्मू के कार्यालय से मिले निर्देशों के बाद शुरू की गई है। योजना के तहत साइबर फर्स्ट रिस्पॉन्डर, मास्टर ट्रेनर तथा साइबर जागरूकता और साइबर हाइजीन कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। साइबर फर्स्ट रिस्पॉन्डर संस्थान में साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों का पहला संपर्क अधिकारी होगा। साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग, जागरूकता गतिविधियों का संचालन और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा। इसके अलावा डाइट के सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि स्कूल स्तर पर साइबर सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत हो सके।
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सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, जागरूकता पर भी जोर
स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल सेवाओं और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर खतरों का दायरा भी बढ़ा है। बच्चों से जुड़ी ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर बुलिंग और डेटा से जुड़े जोखिमों को देखते हुए शिक्षा विभाग स्कूलों में एक ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहता है, जहां साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों की समय पर जानकारी मिल सके और छात्रों व शिक्षकों को लगातार जागरूक किया जा सके। योजना के तहत स्कूलों में समय-समय पर साइबर सुरक्षा, साइबर हाइजीन और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य केवल कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना नहीं बल्कि छात्रों और शिक्षकों में भी सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल की आदत विकसित करना है।
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- साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग से लेकर जागरूकता अभियान तक निभाएगा अहम भूमिका
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा विभाग हर सरकारी स्कूल और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में एक साइबर फर्स्ट रिस्पॉन्डर बनाने करने जा रहा है। यह शिक्षक संस्थान में साइबर सुरक्षा का नोडल अधिकारी होगा। उसकी जिम्मेदारी साइबर घटनाओं की जानकारी संबंधित स्तर तक पहुंचाने, साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों का समन्वय करने और छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना होगी।
राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के जम्मू संभागीय कार्यालय ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी किए हैं। यह पहल मंडलायुक्त जम्मू के कार्यालय से मिले निर्देशों के बाद शुरू की गई है। योजना के तहत साइबर फर्स्ट रिस्पॉन्डर, मास्टर ट्रेनर तथा साइबर जागरूकता और साइबर हाइजीन कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। साइबर फर्स्ट रिस्पॉन्डर संस्थान में साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों का पहला संपर्क अधिकारी होगा। साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग, जागरूकता गतिविधियों का संचालन और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा। इसके अलावा डाइट के सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि स्कूल स्तर पर साइबर सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत हो सके।
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सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, जागरूकता पर भी जोर
स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल सेवाओं और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर खतरों का दायरा भी बढ़ा है। बच्चों से जुड़ी ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर बुलिंग और डेटा से जुड़े जोखिमों को देखते हुए शिक्षा विभाग स्कूलों में एक ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहता है, जहां साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों की समय पर जानकारी मिल सके और छात्रों व शिक्षकों को लगातार जागरूक किया जा सके। योजना के तहत स्कूलों में समय-समय पर साइबर सुरक्षा, साइबर हाइजीन और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य केवल कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना नहीं बल्कि छात्रों और शिक्षकों में भी सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल की आदत विकसित करना है।