{"_id":"661dce4f13264611e804ef6e","slug":"education-news-jammu-news-c-10-jam1006-341092-2024-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: न बुनियादी ढांचा और न प्रतिस्पर्धा, 65\nकॉलेजों में 12वीं के अंक पर ही दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: न बुनियादी ढांचा और न प्रतिस्पर्धा, 65 कॉलेजों में 12वीं के अंक पर ही दाखिला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- दूरदराज के कॉलेजों में सीयूईटी के तहत दाखिले में रुझान नहीं दिखा रहे विद्यार्थी
- उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार भी सीयूईटी के दायरे से बाहर रखे हैं 65 कॉलेज
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार ने दूरदराज इलाकों में कॉलेज तो शुरू कर दिए हैं, लेकिन इनमें बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई कॉलेजों में भवन, प्रयोगशाला तो कई में विषयों की कमी है। इसके कारण स्थानीय बच्चों को छोड़कर अन्य इलाकों के विद्यार्थियों का रुझान इन कॉलेजों में दाखिला लेने का नहीं है। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने 65 कॉलेजों में प्रवेश के लिए इस बार भी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) की परीक्षा की अनिवार्यता खत्म कर दी है। इन 65 कॉलेजों में दाखिला 12वीं कक्षा में हासिल अंकों के आधार पर देने का फैसला लिया है।
शैक्षणिक सत्र 2023-24 में इन कॉलेजों में पहले प्रवेश सीयूईटी के तहत देने का फैसला लिया गया था, लेकिन अधिकांश बच्चों ने बुनियादी सुविधाएं और दाखिले के लिए प्रतिस्पर्धा न होने से इन दूरदराज कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवेदन ही नहीं किया। इसके बाद अंतिम चरणों में उच्च शिक्षा विभाग ने 65 कॉलेजों में 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ही दाखिला दिया। इसमें सबसे ज्यादा जम्मू संभाग में 35 और कश्मीर संभाग में 29 कॉलेज हैं। जम्मू संभाग के जिन 35 कॉलेजों को इसमें शामिल किया है, इसमें अधिकांश वे कॉलेज हैं जो बीते सात से 10 सालों में शुरू हुए हैं। इसमें जम्मू जिले के चार कॉलेज, सांबा में दो, कठुआ में पांच, उधमपुर में छह, रियासी में तीन, डोडा तीन, किश्तवाड़ में तीन, रामबन में चार और राजोरी के सात कॉलेज हैं। उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले साल भी इन कॉलेजों में दाखिला 12वीं के अंकों के आधार पर ही दिया था। इस बार भी दाखिला केंद्रीकृत रूप से होगा। हालांकि इन कॉलेजों में दाखिले के लिए बच्चों को समर्थ पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
विज्ञापन
- उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार भी सीयूईटी के दायरे से बाहर रखे हैं 65 कॉलेज
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार ने दूरदराज इलाकों में कॉलेज तो शुरू कर दिए हैं, लेकिन इनमें बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई कॉलेजों में भवन, प्रयोगशाला तो कई में विषयों की कमी है। इसके कारण स्थानीय बच्चों को छोड़कर अन्य इलाकों के विद्यार्थियों का रुझान इन कॉलेजों में दाखिला लेने का नहीं है। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने 65 कॉलेजों में प्रवेश के लिए इस बार भी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) की परीक्षा की अनिवार्यता खत्म कर दी है। इन 65 कॉलेजों में दाखिला 12वीं कक्षा में हासिल अंकों के आधार पर देने का फैसला लिया है।
शैक्षणिक सत्र 2023-24 में इन कॉलेजों में पहले प्रवेश सीयूईटी के तहत देने का फैसला लिया गया था, लेकिन अधिकांश बच्चों ने बुनियादी सुविधाएं और दाखिले के लिए प्रतिस्पर्धा न होने से इन दूरदराज कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवेदन ही नहीं किया। इसके बाद अंतिम चरणों में उच्च शिक्षा विभाग ने 65 कॉलेजों में 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ही दाखिला दिया। इसमें सबसे ज्यादा जम्मू संभाग में 35 और कश्मीर संभाग में 29 कॉलेज हैं। जम्मू संभाग के जिन 35 कॉलेजों को इसमें शामिल किया है, इसमें अधिकांश वे कॉलेज हैं जो बीते सात से 10 सालों में शुरू हुए हैं। इसमें जम्मू जिले के चार कॉलेज, सांबा में दो, कठुआ में पांच, उधमपुर में छह, रियासी में तीन, डोडा तीन, किश्तवाड़ में तीन, रामबन में चार और राजोरी के सात कॉलेज हैं। उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले साल भी इन कॉलेजों में दाखिला 12वीं के अंकों के आधार पर ही दिया था। इस बार भी दाखिला केंद्रीकृत रूप से होगा। हालांकि इन कॉलेजों में दाखिले के लिए बच्चों को समर्थ पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
विज्ञापन