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जम्मू-कश्मीरः डम्पर चिनाब में गिरा, तीन स्कूली बच्चों की मौत, एक दरिया में बहा
Wed, 26 Jun 2019 02:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो,जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो,जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 26 Jun 2019 02:36 AM IST
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chenab river
- फोटो : Amar Ujala
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तहसील के करोल कुमोत लिंक रोड पर मंगलवार दोपहर को एक डम्पर (टिप्पर) चिनाब दरिया में गिर गया। टिप्पर सवार तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई जबकि एक दरिया में लापता हो गया।
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हादसे में तीन बच्चे और चालक मनमोहन सिंह गंभीर रूप से घायल हैं। इनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी बच्चे एक ही गांव के रहने वाले हैं। हादसे में मारा गया एक बच्चा व लापता बच्चा टिप्पर चालक का है। लापता बच्चे की तलाश की जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर करोल से कुंडी की तरफ एक टिप्पर जा रहा था। उसमें सात स्कूली बच्चे सवार थे जो स्कूल से घर लौट रहे थे। करोल इलाके में ही कुछ दूरी तय करने के बाद टिप्पर चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और टिप्पर 100 फीट गहरी खाई में गिरने के बाद चिनाब नदी में डूब गया।
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इस हादसे में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चे की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। इसके अलावा एक बच्चा चिनाब नदी में जा गिरा और लापता हो गया। जबकि तीन बच्चे व चालक गंभीर से रूप घायल हो गए।
उन्हें आसपास के लोगों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से शाम को एक बच्ची ज्योति की बिगड़ती हालत को देखते हुए जीएमसी रेफर कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, मंजीत सिंह (7) पुत्र लोहर सिंह व पूजा देवी (14) की मौके पर मौत हो गई। गौरव सिंह (16) पुत्र मनमोहन सिंह ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। जबकि अजय सिंह (17) पुत्र मनमोहन सिंह चिनाब नदी के तेज बहाव में बह गया है।
चालक समेत तीन का इलाज स्थानीय अस्पताल में
गंभीर रूप से घायल ज्योति देवी (14) पुत्री प्रदीप सिंह को जीएमसी रेफर किया गया है, जबकि सरोपा देवी (9) पुत्री प्रदीप सिंह, कमलेश कुमारी (15) पुत्री धर्म सिंह और चालक मनमोहन सिंह (50) सभी निवासी कुंडी करोल का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।
शव परिजनों के हवाले
शाम को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चों के शव परिवारों को सौंप दिए गए। इस दौरान डीसी शौकत एजाज भट, एसएसपी अनीता शर्मा, एसएसपी ट्रैफिक राष्ट्रीय राजमार्ग जेएस ज़ोहर, एडीडीसी नवाब दीन, अतिरिक्त उपायुक्त बशारत हुसैन, एसीआर हरबंस लाल, सीएमओ डॉ. सैफु.द्दीन खान और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. जेपी सिंह जमवाल ने अस्पताल पहुंच कर घायलों का हालचाल जाना।
जीएमसी में भर्ती ज्योति की हालत गंभीर
रामबन सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 14 वर्षीय ज्योति देवी को जीएमसी जम्मू में भर्ती कराया गया है। डाक्टरों के अनुसार उसकी पसलियों और पेट में गंभीर चोटें लगने के साथ दोनों पैरों में फ्रैक्चर है, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। देर रात तक उसे दो बोतल खून चढ़ाया गया था, जबकि एक अन्य बोतल का इंतजाम किया जा रहा था। डाक्टरों के अनुसार ज्योति की हालत नाजुक बनी हुई है। ज्योति को अस्पताल की ओल्ड इमरजेंसी ब्लाक में रखा गया है।
काश! बच्चे रोज की तरह घर लौटते
बताया जाता है कि यह सभी बच्चे अपने गांव से लगभग पांच किलोमीटर दूर अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते हैं और लगभग दो किलोमीटर की दूरी पैदल तय करने के बाद मेटाडोर से स्कूल पहुंचते हैं और इसी तरह वापस लौटते हैं। चूंकि यह सारे बच्चे एक ही गांव के रहने वाले हैं इसलिए आना-जाना भी साथ ही होता है।
इनमें दो बच्चे गौरव व अजय टिप्पर चालक मनमोहन सिंह के हैं। मंगलवार को मनमोहन सिंह को अपने काम से जल्दी फुर्सत मिल गई तो उसने घर लौटते समय अपने बच्चों समेत दूसरे बच्चों को भी टिप्पर में बिठा लिया परंतु थोड़ी दूर चलने के बाद ही यह हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि यदि आज भी बच्चे रोज की तरह मेटाडोर से ही लौटते तो शायद उनकी जान बच जाती
जीएमसी में भर्ती ज्योति की हालत गंभीर
रामबन सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 14 वर्षीय ज्योति देवी को जीएमसी जम्मू में भर्ती कराया गया है। डाक्टरों के अनुसार उसकी पसलियों और पेट में गंभीर चोटें लगने के साथ दोनों पैरों में फ्रैक्चर है, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। देर रात तक उसे दो बोतल खून चढ़ाया गया था, जबकि एक अन्य बोतल का इंतजाम किया जा रहा था। डाक्टरों के अनुसार ज्योति की हालत नाजुक बनी हुई है। ज्योति को अस्पताल की ओल्ड इमरजेंसी ब्लाक में रखा गया है।
काश! बच्चे रोज की तरह घर लौटते
बताया जाता है कि यह सभी बच्चे अपने गांव से लगभग पांच किलोमीटर दूर अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते हैं और लगभग दो किलोमीटर की दूरी पैदल तय करने के बाद मेटाडोर से स्कूल पहुंचते हैं और इसी तरह वापस लौटते हैं। चूंकि यह सारे बच्चे एक ही गांव के रहने वाले हैं इसलिए आना-जाना भी साथ ही होता है।
इनमें दो बच्चे गौरव व अजय टिप्पर चालक मनमोहन सिंह के हैं। मंगलवार को मनमोहन सिंह को अपने काम से जल्दी फुर्सत मिल गई तो उसने घर लौटते समय अपने बच्चों समेत दूसरे बच्चों को भी टिप्पर में बिठा लिया परंतु थोड़ी दूर चलने के बाद ही यह हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि यदि आज भी बच्चे रोज की तरह मेटाडोर से ही लौटते तो शायद उनकी जान बच जाती