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मार्च में ही पानी तीसरे दिन मिल रहा, गर्मी में होगा बुरा हाल
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सांबा फिल्ट्रेशन प्लांट की तैयार इमारत मशीनरी के इतजार में
- फोटो : SAMBA
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सांबा। केंद्र सरकार हर घर नल देने व हर घर पानी पहुंचाए जाने की योजनाएं बना रही है, लेकिन सांबा में मार्च में ही तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में गर्मी बढ़ने से जलापूर्ति का क्या हाल होगा। लोग अभी से चिंतित हो रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अजय सिंह, कमल भट्टी, पार्षद रवि खजूरिया, राज सिंह आदि ने बताया कि नगर परिषद के आधीन क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी रहती है। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी के लिए हाहाकार शुरू हो जाता है। ऐसे में जलशक्ति विभाग भी लोगों को पानी की सुचारु आपूर्ति करने में असफल रहता है। यहां प्वाइंट लीक हैं, व्यर्थ में पानी बह रहा है। उसे ठीक करने का भी विभाग उपाय नहीं कर रहा। पहले चीची माता के निकट बसंतर दरिया में एक फिल्ट्रेशन प्लांट लगाया गया, जिससे प्रति घंटा 20 हजार गैलन पानी उपलब्ध होता था। वहीं रेईयां, कालीबड़ी में लगे ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति होती थी, फिर भी गर्मी में पानी की आपूर्ति पूरी नहीं हो पाती थी। बाद में बसंतर दरिया के किनारों पर केमिकल कारखानों के लग जाने से बसंतर का पानी दूषित होने पर लोगों के विरोध पर उक्त फिल्ट्रेशन प्लांट को बंद कर दिया गया। इसके बाद पानी की किल्लत सताने लगी।
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बंसतर दरिया में एक फिल्ट्रेशन प्लांट बनाने की योजना बनी। कुछ फंड उपलब्ध भी हुए, गत तीन वर्ष में प्लांट की इमारत तो बन गई, लेकिन उसमें मशीनरी के लिए फंड उपलब्ध नहीं हुए। जो बेकार पड़ी है। यहां शराबियों का अड्डा बना है। यदि यह प्लांट बन जाए तो प्रति घंटा 20 हजार गैलन पानी उपलब्ध हो सकता है।
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सांबा कस्बा व मंडियों में प्रति दिन 15 लाख गैलन पानी की आवश्यकता है। जबकि जल शक्ति विभाग के पास केवल 8 लाख गैलन पानी ही उपलब्ध है। ऐसे में हर रोज पानी की आपूर्ति कर पाना विभाग के लिए मुश्किल है।
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बिजली कटौती से पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है। गर्मी में बिजली की समस्या के बने रहने से पानी की सुचारु आपूर्ति भी प्रभावित हो जाती है। संगवाली व मनोहर गोपाला में दो नए ट्यूबवेल बनाए जा रहे हैं, जिससे दो लाख गैलन पानी की आपूर्ति मिलेगी। वहीं नए फिल्ट्रेशन प्लांट के लिए भी शीघ्र फंड उपलब्ध हो जाएंगे, जिससे कस्बे में पानी की किल्लत को समाप्त किया जा सकेगा।
-अजय गुप्ता, एईई, जल शक्ति विभाग, सांबा
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सामाजिक कार्यकर्ता अजय सिंह, कमल भट्टी, पार्षद रवि खजूरिया, राज सिंह आदि ने बताया कि नगर परिषद के आधीन क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी रहती है। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी के लिए हाहाकार शुरू हो जाता है। ऐसे में जलशक्ति विभाग भी लोगों को पानी की सुचारु आपूर्ति करने में असफल रहता है। यहां प्वाइंट लीक हैं, व्यर्थ में पानी बह रहा है। उसे ठीक करने का भी विभाग उपाय नहीं कर रहा। पहले चीची माता के निकट बसंतर दरिया में एक फिल्ट्रेशन प्लांट लगाया गया, जिससे प्रति घंटा 20 हजार गैलन पानी उपलब्ध होता था। वहीं रेईयां, कालीबड़ी में लगे ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति होती थी, फिर भी गर्मी में पानी की आपूर्ति पूरी नहीं हो पाती थी। बाद में बसंतर दरिया के किनारों पर केमिकल कारखानों के लग जाने से बसंतर का पानी दूषित होने पर लोगों के विरोध पर उक्त फिल्ट्रेशन प्लांट को बंद कर दिया गया। इसके बाद पानी की किल्लत सताने लगी।
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बंसतर दरिया में एक फिल्ट्रेशन प्लांट बनाने की योजना बनी। कुछ फंड उपलब्ध भी हुए, गत तीन वर्ष में प्लांट की इमारत तो बन गई, लेकिन उसमें मशीनरी के लिए फंड उपलब्ध नहीं हुए। जो बेकार पड़ी है। यहां शराबियों का अड्डा बना है। यदि यह प्लांट बन जाए तो प्रति घंटा 20 हजार गैलन पानी उपलब्ध हो सकता है।
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सांबा कस्बा व मंडियों में प्रति दिन 15 लाख गैलन पानी की आवश्यकता है। जबकि जल शक्ति विभाग के पास केवल 8 लाख गैलन पानी ही उपलब्ध है। ऐसे में हर रोज पानी की आपूर्ति कर पाना विभाग के लिए मुश्किल है।
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बिजली कटौती से पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है। गर्मी में बिजली की समस्या के बने रहने से पानी की सुचारु आपूर्ति भी प्रभावित हो जाती है। संगवाली व मनोहर गोपाला में दो नए ट्यूबवेल बनाए जा रहे हैं, जिससे दो लाख गैलन पानी की आपूर्ति मिलेगी। वहीं नए फिल्ट्रेशन प्लांट के लिए भी शीघ्र फंड उपलब्ध हो जाएंगे, जिससे कस्बे में पानी की किल्लत को समाप्त किया जा सकेगा।
-अजय गुप्ता, एईई, जल शक्ति विभाग, सांबा