कश्मीर में पीने का पानी बना सबसे बड़ी समस्या
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कश्मीर में आई बाढ़ के बाद अब श्रीनगर में पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है। लोग धीरे धीरे अपनी जिंदगी पटरी पर लाने की जुगत भिड़ाने लगे हैं लेकिन एक बड़ी समस्या रह रह कर उनके सामने आ रही है, वो है पेयजल की।
यूं तो हर तरफ पानी ही पानी है लेकिन पीने का साफ पानी न होने के कारण लोग बेहाल हैं। स्थानीय प्रशासन लाख प्रयास के बाद भी अभी तक पेयजल की आपूर्ति सुचारू नहीं कर सका है।
लोगों के घरों में खाने पीने का थोड़ा बहुत राशन बचा भी है तो पानी के बगैर उसे बनाएं कैसे। श्रीनगर के अलावा बाढ़ प्रभावित अन्य क्षेत्रों में यही सबसे बड़ी समस्या है। वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो बिना शहर से बाढ़ का पानी निकाले पेयजल आपूर्ति सुचारू करना टेढ़ा काम है।
सेना दे रही फिल्टर करके पानी
हालांकि उनका दावा है कि शहर के कुछ हिस्सों मे पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन इसकी सूरत कहीं नजर नहीं आती। ले देकर लोगों की सारी निगाहें सेना द्वारा दिए जा रहे बोतल बंद पानी पर ही टिकी हुई हैं।
इसके अलावा सेना और अन्य सुरक्षाबलों ने कुछ इलाकों में लोगों के लिए वाटर फिल्टरेशन प्लांट लगाए हैं, लेकिन लाखों की आबादी वाले शहर के लिए ये गिनती के फिल्टरेशन प्लांट नाकाफी साबित हो रहे हैं।
गिनती के इन फिल्टर प्लांटों पर हर समय लोगों की भीड़ लगी रहती है, दूसरा लोगों को इनसे पानी लेने के लिए गले तक पानी में ही कई कई किलोमीटर का सफर पैदलय तय करना पड़ रहा है।
दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे लोग
वहीं साफ पानी न मिलने के कारण कुछ लोगों को मजबूरी में गंदा पानी ही छानकर पीना पड़ा, नतीजतन अब बीमारियों ने उन्हें घेर लिया है। कोई गले की बीमारी से पीड़ित है तो किसी को इन्फेक्शन हो गया है।
दूसरी ओर लोगों की नाराजगी स्थानीय प्रशासन को लेकर बढ़ती जा रही है। लोग इस बात से नाराज हैं कि एक ओर जहां सेना उनकी खिदमत में रात दिन एक किए हुए है वहीं स्थानीय प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है।
कुछ घरों में खाने का राशन भी समाप्त होने को है और लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। लोग इस बात से परेशान हैं कि अब राशन के लिए किसके आगे हाथ फैलाएंगे।