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चार शहरों में अमृत योजना की डीपीआर को मंजूरी
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Tue, 31 May 2016 11:39 PM IST
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एसएएपी के लिए 197.3 करोड़ भी मंजूर
- फोटो : Demo Pic.
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अटल मिशन फार रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांस्फारमेशन (अमृत) योजना के तहत रियासत के चार शहरों के कायाकल्प की कवायद तेज हो गई है।
स्टेट लेवल हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में जम्मू, श्रीनगर, लेह और अनंतनाग की डीपीआर को मंजूरी दे दी गई। मुख्य सचिव बीआर शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एसएएपी (स्टेट एनुअल एक्शन प्लान) के तहत जहां बीते वित्त वर्ष के प्लान की डीपीआर को मंजूरी दी गई वहीं एसएएपी वर्ष 2016-17 के लिए कमेटी ने 197.3 करोड़ की राशि को मंजूरी दे दी।
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा अमृत योजना की योग्यता रखने पर अन्य शहरों को भी शामिल किया जा सकता है। इस दौरान दी गई जानकारी के अनुसार 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री द्वारा घोषित की गई अमृत योजना के तहत शहरी जीवन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के इंतजाम किए जाएंगे।
अमृत के तहत पानी आपूर्ति, सीवरेज, सेप्टेज मैनेजमेंट, स्टार्म वाटर ड्रेन सहित पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, हरित क्षेत्र विस्तार और पार्क निर्माण जैसे काम शामिल हैं।
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बैठक में मुख्य सचिव के अलावा वन विभाग के प्रधान सचिव आरके गुप्ता, आवास एवं शहरी विकास आयुक्त सचिव/मिशन निदेशक अमृत ह्रदेश कुमार, पीएचई विभाग के सचिव संजीव वर्मा प्रमुख रूप से मौजूद थे।
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स्टेट लेवल हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में जम्मू, श्रीनगर, लेह और अनंतनाग की डीपीआर को मंजूरी दे दी गई। मुख्य सचिव बीआर शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एसएएपी (स्टेट एनुअल एक्शन प्लान) के तहत जहां बीते वित्त वर्ष के प्लान की डीपीआर को मंजूरी दी गई वहीं एसएएपी वर्ष 2016-17 के लिए कमेटी ने 197.3 करोड़ की राशि को मंजूरी दे दी।
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा अमृत योजना की योग्यता रखने पर अन्य शहरों को भी शामिल किया जा सकता है। इस दौरान दी गई जानकारी के अनुसार 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री द्वारा घोषित की गई अमृत योजना के तहत शहरी जीवन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के इंतजाम किए जाएंगे।
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अमृत के तहत पानी आपूर्ति, सीवरेज, सेप्टेज मैनेजमेंट, स्टार्म वाटर ड्रेन सहित पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, हरित क्षेत्र विस्तार और पार्क निर्माण जैसे काम शामिल हैं।
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बैठक में मुख्य सचिव के अलावा वन विभाग के प्रधान सचिव आरके गुप्ता, आवास एवं शहरी विकास आयुक्त सचिव/मिशन निदेशक अमृत ह्रदेश कुमार, पीएचई विभाग के सचिव संजीव वर्मा प्रमुख रूप से मौजूद थे।