डोडा में फिल्मी ड्रामा: हादसे में 'मारा' गया मनजीत... मोबाइल ने जिंदा पकड़वाया, इस तरह पकड़ में आई साजिश
20 दिसंबर 2022 को डोडा के गडसू में एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर चिनाब दरिया में गिर गई थी। जब दुर्घटना की जानकारी मिली तो एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें बचाव के लिए पहुंचीं।
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कर्ज की देनदारी से बचने के लिए फिल्मी स्टाइल में भद्रवाह के एक दंपती ने चिनाब नदी में अपनी कार धकेल दी और खुद को मरा हुआ घोषित करने का ड्रामा रचा। 20 दिन के भीतर ही पुलिस ने इस साजिश का पता लगाकर दंपती को उसकी छह साल की बेटी के साथ हरियाणा के पंचकुला से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रविवार को खुलासा किया है कि इस दंपती ने बीते साल 20 दिसंबर को खुद को एक सड़क दुर्घटना में मरा हुआ घोषित करने की कोशिश की थी। जांच में पता चला है कि दंपती ने ऐसा 30 लाख की देनदारियों से बचने के लिए किया था।
डोडा के एसएसपी अब्दुल कयूम ने बताया कि 20 दिसंबर 2022 को डोडा के गडसू में एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर चिनाब दरिया में गिर गई थी। जब दुर्घटना की जानकारी मिली तो एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें बचाव के लिए पहुंचीं। कार जहां दुर्घटनाग्रस्त हुई, वहां से पुलिस को एक ड्राइविंग लाइसेंस और ई-श्रम कार्ड बरामद हुआ। उसके मुताबिक यह कार (जेके06ए-6311) भद्रवाह निवासी मनजीत सिंह (31) पुत्र प्रीतम सिंह की है। उनके साथ इस कार में मंजीत की पत्नी सोनिया देवी और छह साल की बेटी सवार थे जो जम्मू जा रहे थे।
दरिया से कार मिली लेकिन कोई शव नहीं तब शक गहराया
पुलिस ने बताया कि यह सारे साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने चिनाब दरिया से कार बरामद की, लेकिन इस कार में न कोई शव मिला और न ही कोई सामान। इसके बाद भी पुलिस और एसडीआरएफ ने तलाशी अभियान जारी रखा। इसके बाद भी कुछ बरामद नहीं हुआ तो मामले की जांच कुछ और पहलुओं से शुरू की गई। जब गहराई से छानबीन की गई तो पता चला कि मनजीत पर 30 लाख रुपये का कर्जा था, जो उसने कई बैंकों और स्थानीय लोगों से ले रखा था।
भद्रवाह से जम्मू जाते समय गाड़ी को चिनाब में गिराया
इस देनदारी से बचने के लिए ही मंजीत ने यह खेल रचा और भद्रवाह से जम्मू जाते समय खुद अपनी गाड़ी को चिनाब दरिया में गिराया, और गाड़ी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सड़क पर ऊपर ही अपने बटुए के साथ ड्राइविंग लाइसेंस और ई-श्रम कार्ड के रूप में निशानियां छोड़ीं। ताकि, सभी को यह लगे कि कार दुर्घटना में मंजीत की सपरिवार मौत हो चुकी है। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने जब मंजीत का पता लगाया तो उसकी हरियाणा में होने की सूचना मिली। हरियाणा पुलिस की मदद से डोडा पुलिस ने मनजीत को परिवार समेत पंचकूला के अभयपुरा गांव से गिरफ्तार किया और उन्हें वापस डोडा ले आई। मनजीत के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
मोबाइल बिल से मिले आईएमईआई नंबर ने कार हादसे में मारे गए मनजीत को झट से जिंदा पकड़वा दिया। हादसे की जांच में जुटी पुलिस को शुरुआत में लगा था कि चिनाब में कार गिरने से वाकई में बच्ची और दंपती की मौत हो गई है, लेकिन छानबीन आगे बढ़ी तो पुलिस का माथा ठनकने लगा। एसएसपी अब्दुल कयूम ने कहा, मनजीत पर देनदारी का पता चला।
प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अखनूर ने मनजीत के नाम दो दफा वारंट जारी कर रखा था। 19 दिसंबर को उसकी तारीख थी, जहां मनजीत नहीं गया। 20 दिसंबर को उसे भद्रवाह से जम्मू की ओर जाना था, लेकिन वह गडसू की तरफ मुड़ गया। इससे शक गहराया। मनजीत के एक परिजन से मोबाइल बिल मिला, जिस पर मनजीत के मोबाइल का आईएमईआई नंबर था। इस नंबर को टेक्निकल सर्विलांस पर लगाया गया। मनजीत के मोबाइल की लोकेशन पंचकूला में ट्रैक हुई तो इसी आधार पर मनजीत, उसकी पत्नी और बच्ची को ढूंढ लिया गया, जिन्हें पहले माना जा रहा था कि वह हादसे में मर चुके हैं।