फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Divyang student dying outside office, three doctors, one orderly suspended

दफ्तर के बाहर तड़पते दिव्यांग छात्र की मौत, तीन डॉक्टर, एक अर्दली निलंबित

Mon, 23 Nov 2020 04:55 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Mon, 23 Nov 2020 04:55 PM IST
सार

  • दसवीं की परीक्षा के लिए श्रीनगर जिला मेडिकल बोर्ड से दिव्यांगता प्रमाणपत्र लेने आया था
  • एक्यूट मस्कुलर डिस्ट्रोफी से ग्रस्त छात्र की स्वास्थ्य जांच की गुहार लगाती रहीं मां और बहन 

विज्ञापन
Divyang student dying outside office, three doctors, one orderly suspended
व्हीलचेयर पर बैठा व्यक्ति - फोटो : डेमो फोटो

विस्तार

ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में मेडिकल बोर्ड सदस्यों की लापरवाही से एक दिव्यांग छात्र की मौत हो गई। घोर लापरवाही पर स्वास्थ्य निदेशालय ने मेडिकल बोर्ड के सदस्य तीनों डॉक्टरों और एक नर्सिंग अर्दली को निलंबित कर दिया है। यह छात्र दसवीं बोर्ड परीक्षा में दिव्यांगता प्रमाणपत्र लेने पहुंचा था। बताया जा रहा है कि एक्यूट मस्कुलर डिस्ट्रोफी से ग्रस्त छात्र की मां और बहन डॉक्टरों से गुहार लगाती रहीं। हालत बिगड़ने पर छात्र को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। निदेशालय ने यह कार्रवाई घटना के वायरल वीडियो पर संज्ञान में की है।

विज्ञापन


एक अधिकारी ने बताया कि दिव्यांग छात्र को जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं कक्षा के लिए उत्तर पुस्तिका पर लिखने वाला साथ लाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। यह छात्र जिस रोग से ग्रस्त था, उसमें मांसपेशियां इतनी कमजोर होती हैं कि ग्रसित खुद से ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। यहां तक कि खाना निगलने तक में परेशानी होती है। छात्र अपनी मां और बहन के साथ वाहन में श्रीनगर जिला चिकित्सा बोर्ड कार्यालय पहुंचा। 
विज्ञापन


मां और बहन कार्यालय में पहुंचीं और बोर्ड सदस्य डॉक्टरों से छात्र की जांच वाहन में ही करने की गुहार लगाई। डॉक्टरों को बताया गया कि छात्र कार्यालय आने की स्थिति में नहीं है और उसकी हालत भी नाजुक है। अधिकारी ने बताया कि छात्र की तबीयत बिगड़ने की जानकारी होने पर भी डॉक्टर छात्र की जांच को नहीं आए। इसी दौरान छात्र को सांस लेने में अचानक ज्यादा तकलीफ होने लगी। मां और बहन ही उसे फौरन निकटवर्ती अस्पताल ले गईं, लेकिन छात्र ने दम तोड़ दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मेडिकल बोर्ड में शामिल गांदरबल उप जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. नीलोफर, मेडिकल अफसर लीपर अस्पताल शुजा रशीद और श्रीनगर के राजकीय गौसिया अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. फरहान बशीर के अलावा नर्सिंग अर्दली गुलाम हसन को निलंबित कर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed