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सीमा पर हालात हुए सामान्य, कैंपों से घरों को लौटने लगे विस्थापित
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:00 PM IST
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भारत पाक सीमा
- फोटो : File Photo
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सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों से कैंपों में पहुंचे लोग अपने घरों को लौट गए हैं। मौजूदा समय में जम्मू की 21 तहसीलों में कहीं पर भी विस्थापित नहीं है।
कारण सीमा पर शांति है और धान की कटाई होनी है। इसके अलावा माल मवेशी और घरों को भी संभालना है। हालात सामान्य होने के बाद घरों को लौटना ही विस्थापितों ने उचित समझा है। जिला उपायुक्त सिमरनदीप सिंह लगातार कैंपों का जायजा लेते रहे हैं।
दो सप्ताह पहले सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव बन गया था। इस कारण पंजाब, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान के बार्डर एरिया के दस किलोमीटर के दायरे में गांव खाली करवा लिए गए थे। जम्मू के अरनियां, आरएस पुरा, परगवाल, अखनूर और खौड़ में भी स्थिति तनावपूर्ण बन गई थी।
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लोगों के जानमाल का नुकसान न हो, इसलिए जिला प्रशासन ने बिना किसी देरी के जगह-जगह कैंप स्थापित कर दिए और वहां लोगों के रहने, भोजन और सुरक्षा के इंतजाम भी किए।
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कारण सीमा पर शांति है और धान की कटाई होनी है। इसके अलावा माल मवेशी और घरों को भी संभालना है। हालात सामान्य होने के बाद घरों को लौटना ही विस्थापितों ने उचित समझा है। जिला उपायुक्त सिमरनदीप सिंह लगातार कैंपों का जायजा लेते रहे हैं।
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दो सप्ताह पहले सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव बन गया था। इस कारण पंजाब, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान के बार्डर एरिया के दस किलोमीटर के दायरे में गांव खाली करवा लिए गए थे। जम्मू के अरनियां, आरएस पुरा, परगवाल, अखनूर और खौड़ में भी स्थिति तनावपूर्ण बन गई थी।
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लोगों के जानमाल का नुकसान न हो, इसलिए जिला प्रशासन ने बिना किसी देरी के जगह-जगह कैंप स्थापित कर दिए और वहां लोगों के रहने, भोजन और सुरक्षा के इंतजाम भी किए।
कई स्कूलों को बनाया गया था कैंप
Border Security
- फोटो : File Photo
अखनूर सेक्टर के परगवाल के गांवों और कानाचक्क सेक्टर के लल्याल, सुई, गैडला, चड़गाली, पंगोर के विस्थापितों को हायर सेकेंडरी स्कूल दोमाना और मुट्ठी स्कूल में कैंप बनाकर ठहराया गया था। इसी तरह से खौड़ और अखनूर के विस्थापित राधा स्वामी सत्संग हाल, खरड़ में ठहराया गया था।
इसके अलावा अरनियां, आरएस पुरा वालों को बाना सिंह स्टेडियम और आईटीआई आरएस पुरा में रखा गया था। पहले घरों से पलायन करके कैंपों में रुकने वालों की संख्या जम्मू में 500 थी, फिर दूसरे दिन 724 पहुंची। तीसरे 2100 और चौथे दिन 3400 तक पहुंच गई।
विस्थापित अपना जरूरी सामान, माल - मवेशी कैंप में ठहरे थे। उतार चढ़ाव के बाद 4000 तक विस्थापित हो गए थे। अब हालात सामान्य होने पर सभी ग्रामीण अपने घरों को लौट गए हैं।
इसके अलावा अरनियां, आरएस पुरा वालों को बाना सिंह स्टेडियम और आईटीआई आरएस पुरा में रखा गया था। पहले घरों से पलायन करके कैंपों में रुकने वालों की संख्या जम्मू में 500 थी, फिर दूसरे दिन 724 पहुंची। तीसरे 2100 और चौथे दिन 3400 तक पहुंच गई।
विस्थापित अपना जरूरी सामान, माल - मवेशी कैंप में ठहरे थे। उतार चढ़ाव के बाद 4000 तक विस्थापित हो गए थे। अब हालात सामान्य होने पर सभी ग्रामीण अपने घरों को लौट गए हैं।