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आईआईएम में धर्मेंद्र प्रधान: छात्रों को हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा, नौकरी देने वाले बनें

Sat, 17 Jun 2023 03:01 PM IST
विमल शर्मा मंगेश कुमार, जम्मू
मंगेश कुमार, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 17 Jun 2023 03:01 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईआईएम ने शीर्ष नामी स्थानों के बीच खुद के लिए स्थान बनाने के लिए लंबा सफर तय किया है। 2016 में अपनी स्थापना के बाद तेज गति से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं पर अगले 25 वर्षों में अमृत काल काल बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है।

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Dharmendra Pradhan on IIM: Students ready to face every challenge, become job creators
आईआईएम के दीक्षांत समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री समेत अन्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्र युवाओं को नौकरी देने वालों के रूप में देखता है। यह बात भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कही। वह जम्मू कन्वेशन सेंटर में आईआईएम के छठे दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के रूप में भारत के वेल्थ-क्रिएटर्स को आईआईएम जम्मू जैसे संस्थान और स्नातक करने वाले छात्रों से बहुत उम्मीदें हैं।

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इस नामी संस्थान से स्नातक करने वाले छात्रों के कंधों पर देश, परिवार और अपने प्रति बड़ी जिम्मेदारी है। छात्रों को बिना सोए हर तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। मंत्री ने कहा कि आईआईएम ने शीर्ष नामी स्थानों के बीच खुद के लिए स्थान बनाने के लिए लंबा सफर तय किया है।  
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2016 में अपनी स्थापना के बाद तेज गति से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं पर अगले 25 वर्षों में अमृत काल काल बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है। भारत 2047 में नवाचारों, विचारों, व्यापार मॉडल आदि के माध्यम से एक विश्व गुरु बनेगा। इसमें उच्च शिक्षण संस्थानों को अहम भूमिका निभानी पड़ेगी। 

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नई ज्ञान अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा भारत: एलजी

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत एक नई ज्ञान अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर कार्य और विकास हो रहा है। आज के युवा भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। जिस पीढ़ी के एक हाथ में वेद और दूसरे हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है।


दोनों का संतुलन उन्हें अलग करता है। आधुनिक तरीके के साधनों और मानव नेतृत्व का उत्कृष्ट सहयोग राष्ट्र निर्माण में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि भारत को सोने की चिड़ियां के रूप में जाना जाता है। इसका प्रमुख कारण हमारे पास बेहतरीन शौक्षणिक संस्थान थे। पूरा समाज चेतना के शिखर पर था। प्रधानमंत्री ने सुनिश्चित किया कि युवा पीढ़ी डिजिटल इंडिया के शक्तिशाली पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से सशक्त हो। 

छात्रों को नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता : मिलिंद

आईआईएम जम्मू के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के अध्यक्ष डॉ. मिलिंद पी कंबले ने कहा कि संस्थान उत्कृष्टता और नवाचार के पोषण के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आईआईएम जम्मू नेतृत्वकर्ताओं और उद्यमियों को विकसित करने और अग्रणी बनाने में विश्वास रखता है।

उन्होंने डिग्रीधारकों को समाज हित में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। वहीं संस्थान के निदेशक प्रोफेसर बीएस सहाय ने कहा संस्थान का रिपोर्ट पेश की। उन्होंने अनुसंधान प्रकाशनों, शिक्षाविदों, बुनियादी ढांचे के विकास और तेज गति के रूप में संस्थान की प्रगति के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि जगती में परिसर में निर्माण पूरा होने के साथ-साथ नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के करीब है।

लैवेंडर की खेती भारत में कृषि-तकनीक स्टार्ट अप का बनी उदाहरण 

 केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में जम्मू-कश्मीर अरोमा मिशन( लैवेंडर) का जन्मस्थल बना। लैवेंडर की खेती भारत में कृषि-तकनीक स्टार्ट अप का उदाहरण बन गई है। अरोमा मिशन के तहत उद्यमी और एग्री-टेक्नोक्रेट काम कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह नवाचारों का युग है।

सरकार विचारों और नवाचारों के लिए हर प्रकार का समर्थन कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में अग्रणी है। दुनिया में एक लाख से अधिक नवाचार और 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। भारत स्टार्ट-अप इको सिस्टम के मामले में आगे है।



दुनिया में एक लाख से अधिक स्टार्ट-अप और 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। युवाओं को सरकारी नौकरी के पीछे भागने की बजाय स्टार्ट अप ध्यान देना चाहिए। स्टार्टअप की सबसे बड़ी स्थिरता प्रबंधन के छात्रों के साथ है, जो स्नातक कर रहे हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करती है।

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