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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   DGP said, 20 Pakistani and 44 top commanders were eliminated in 100 encounters in Kashmir, 182 terrorists were also killed

डीजीपी ने किया खुलासा: कश्मीर में 100 मुठभेड़ों में 20 पाकिस्तानी और 44 टॉप कमांडरों का सफाया, 182 दहशतगर्द भी मारे गए 

Sat, 01 Jan 2022 12:16 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 01 Jan 2022 12:16 AM IST
सार

जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुखिया दिलबाग सिंह ने बताया कि आतंकियों के खिलाफ लगातार बड़े ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। सीमापार से 34 आतंकियों ने घुसपैठ की थी। इनमें से ज्यादा को मार गिराया गया है। बताया कि सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से तालिबानी आतंकी घुसपैठ नहीं कर पाए हैं। 

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DGP said, 20 Pakistani and 44 top commanders were eliminated in 100 encounters in Kashmir, 182 terrorists were also killed
DGP Dilbag Singh - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने कहा है कि लंबे समय बाद घाटी में घुसपैठ की घटनाओं में कमी आई है। इस साल 34 आतंकी ही इस पार दाखिल होने में सफल हो पाए, जिनमें से ज्यादातर को मार गिराया गया है। जो बचे हैं वे निशाने पर हैं। पाकिस्तान के इशारे पर अफगानिस्तान से आतंकियों की घुसपैठ नहीं हुई है। भविष्य में भी इस तरह के खतरे के कोई संकेत नहीं हैं। सुरक्षा बल किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 

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सिंह ने कहा प्रदेश में वर्ष 2021 में 100 सफल अभियानों के दौरान 44 टॉप कमांडरों समेत 182 आतंकियों को मार गिराया गया है।

इनमें 20 पाकिस्तानी आतंकी शामिल हैं। लश्कर के 26, जैश के 10, हिजबुल मुजाहिदीन के सात और अल-बद्र के एक कमांडर को ढेर करने में सफलता मिली है। पाकिस्तान के इशारे पर मारे गए कमांडर इलाके में लोगों के बीच दहशत फैलाने का काम करते थे। पुलिस के 20 से ज्यादा कर्मचारी शहीद भी हुए हैं। 2021 में 134 युवा आतंकी संगठनों में भर्ती हुए, उनमें से 72 मारे गए जबकि 22 को गिरफ्तार किया गया है।
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ओजीडब्ल्यू नेटवर्क ध्वस्त, 570 गिरफ्तार
डीजीपी के अनुसार ओजीडब्ल्यू नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया है जो आतंकियों को मदद पहुंचाते थे। 570 ओजीडब्ल्यू व अन्य को गिरफ्तार किया गया है। आतंकवाद को बढ़ावा देने तथा आतंकियों को मदद पहुंचाने के मामले में 497 लोगों पर यूएपीए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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उन्होंने कहा कि पंथाचौक में पुलिस बस पर हमला करने वाले जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को मार गिराया गया है। 24 घंटे के दौरान 9 आतंकी मारे जा चुके हैं। दो की तलाश जारी है। इन्हें भी मार दिया जाएगा। प्रदेश में बंद और पत्थरबाजी की घटनाएं पहले ज्यादा होती थीं। इस साल कम वारदातें हुईं। लोग मुख्यधारा से जोड़े गए हैं।

पाकिस्तान नशे की तस्करी करा रहा
डीजीपी ने कहा कि पाकिस्तान ने नशे की तस्करी पंजाब के बाद प्रदेश में जारी रखी है। पुलिस ने 1560 मामले दर्ज किए। इसमें 2400 से ज्यादा लोगों पर एनडीपीएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस साल तीस हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। कुछ का निस्तारण कर दिया गया है। कुछ पर कोर्ट में सुनवाई हो रही है।

डीजीपी ने एसआईए, ट्रैफिक पुलिस, क्राइम ब्रांच, एसीबी, पुलिस कर्मचारियों के अलावा एसओजी के काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस बार बेहतर सेवाएं दी गई हैं। एसओजी ने आतंकियों के कई मंसूबे नाकाम किए। शहीद हुए पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को याद किया और कहा कि उनकी कुर्बानी याद रखी जाएगी। देश की खातिर जान देश के लिए न्यौछावर की है।

हैदरपोरा मुठभेड़ पूरी तरह पारदर्शी, सवाल उठाने वाले दें सबूत
पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि हैदरपोरा मुठभेड़ पूरी तरह पारदर्शी था। जो राजनीतिक नेता सुरक्षा बल को क्लीन चिट दिए जाने पर सवाल उठा रहे हैं उन्हें जांच समिति के समक्ष सबूत पेश करना चाहिए। कहा कि हमने स्पष्ट कर दिया है कि हैदरपोरा अभियान पूरी तरह पारदर्शी था। अगर उनके पास कोई सबूत हैं तो उसे जांच समिति के समक्ष पेश करना चाहिए।

टिप्पणियों से बेहद आहत महसूस कर रहे हैं
हम इन टिप्पणियों से बेहद आहत महसूस कर रहे हैं। यह भी कहा कि राजनेताओं की टिप्पणियां गैरकानूनी हैं और कानून इस मामले में अपना काम करेगा। इस मामले में ऐसे लोगों के खिलाफ सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। यूएपीए के तहत कार्रवाई संभव है।


ज्ञात हो कि 15 नवंबर को हैदरपोरा मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकी समेत चार लोग मारे गए थे। पुलिस ने दावा किया था कि चारों के आतंकवाद से रिश्ते थे। घटना को लेकर राजनीतिक दलों की आलोचना के बाद उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। बाद में डीआईजी मध्य कश्मीर के नेतृत्व में सिट का गठन किया गया था। 

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