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अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के पास कोरोना मुक्त प्रमाणपत्र होना जरूरी
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जम्मू। अमरनाथ यात्रा 2020 का सीमित और सांकेतिक होना लगभग तय है। अभी तक आए सुझावों में यात्रा को 15 दिन करवाने पर विचार किया जा रहा है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड जल्द बैठक कर यात्रा की अवधि पर फैसला लेगा। हालांकि, यात्रा को 21 जुलाई से 3 अगस्त तक चलाया जाना संभव है। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए कोरोना मुक्त प्रमाणपत्र होने का प्रावधान किया जा सकता है।
पिछले कई सालों की तुलना में इस बार कुछ ही दिन की यात्रा होगी। इससे पहले 2018 में 60 दिन की लंबी यात्रा चली थी। पिछले एक दशक में लगभग 40-60 दिन की यात्रा अवधि रही है। बाबा अमरनाथ व बुढ़ा अमरनाथ यात्री न्यास यात्रा के सदस्यों ने उपराज्यपाल को 15 दिन की यात्रा अवधि करने, श्रीनगर से चॉपर सेवा शुरू करके पवित्र गुफा के पास उतारने, बालटाल से दोमेल तक बैटरी कार सेवा और ज्ञान गिरी लंगर प्वाइंट तक, सुबह और शाम की पूजा को टीवी चैनल के माध्यम से प्रसारित करना, शोधकर्ताओं के माध्यम से श्री अमरनाथ जी पर किताब लिखकर उसे प्रकाशित करना आदि सुझाव दिए हैं। बोर्ड निकट भविष्य में बैठक कर इन सभी सुझावों को सदस्यों के समक्ष रखेगा, जिस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
आयु सीमा में कटौती तय
कोविड संकट के चलते इस बार यात्री आयु सीमा में कटौती तय है। इसमें 55 वर्ष तक यात्रियों की आयु सीमा तय की जा सकती है। इस बार कम अवधि वाली यात्रा को बालटाल ट्रैक से करवाने की तैयारी की जा रही है। इस ट्रैक से बर्फ हटाई जा रही है। कम अवधि की यात्रा में बाबा बर्फानी के दर्शनों से वंचित रह जाने वाले यात्रियों के लिए सुबह और शाम की आरती को देश विदेश में प्रसारित किया जाएगा। इस साल तय शेड्यूल में अमरनाथ यात्रा को 23 जून से 3 अगस्त तक 42 दिन की यात्रा चलाना प्रस्तावित था। लेकिन कोविड संकट के चलते अभी तक अग्रिम यात्री पंजीकरण शुरू नहीं हो पाया है। देश में मौजूदा कोविड हालात को देखते हुए भविष्य में भी यह संभव होना बड़ी चुनौती है। हालांकि बोर्ड अधिकारियों ने अभी यात्रा की किसी भी तिथि को लेकर स्पष्ट नहीं किया है।
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पिछले कई सालों की तुलना में इस बार कुछ ही दिन की यात्रा होगी। इससे पहले 2018 में 60 दिन की लंबी यात्रा चली थी। पिछले एक दशक में लगभग 40-60 दिन की यात्रा अवधि रही है। बाबा अमरनाथ व बुढ़ा अमरनाथ यात्री न्यास यात्रा के सदस्यों ने उपराज्यपाल को 15 दिन की यात्रा अवधि करने, श्रीनगर से चॉपर सेवा शुरू करके पवित्र गुफा के पास उतारने, बालटाल से दोमेल तक बैटरी कार सेवा और ज्ञान गिरी लंगर प्वाइंट तक, सुबह और शाम की पूजा को टीवी चैनल के माध्यम से प्रसारित करना, शोधकर्ताओं के माध्यम से श्री अमरनाथ जी पर किताब लिखकर उसे प्रकाशित करना आदि सुझाव दिए हैं। बोर्ड निकट भविष्य में बैठक कर इन सभी सुझावों को सदस्यों के समक्ष रखेगा, जिस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
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आयु सीमा में कटौती तय
कोविड संकट के चलते इस बार यात्री आयु सीमा में कटौती तय है। इसमें 55 वर्ष तक यात्रियों की आयु सीमा तय की जा सकती है। इस बार कम अवधि वाली यात्रा को बालटाल ट्रैक से करवाने की तैयारी की जा रही है। इस ट्रैक से बर्फ हटाई जा रही है। कम अवधि की यात्रा में बाबा बर्फानी के दर्शनों से वंचित रह जाने वाले यात्रियों के लिए सुबह और शाम की आरती को देश विदेश में प्रसारित किया जाएगा। इस साल तय शेड्यूल में अमरनाथ यात्रा को 23 जून से 3 अगस्त तक 42 दिन की यात्रा चलाना प्रस्तावित था। लेकिन कोविड संकट के चलते अभी तक अग्रिम यात्री पंजीकरण शुरू नहीं हो पाया है। देश में मौजूदा कोविड हालात को देखते हुए भविष्य में भी यह संभव होना बड़ी चुनौती है। हालांकि बोर्ड अधिकारियों ने अभी यात्रा की किसी भी तिथि को लेकर स्पष्ट नहीं किया है।
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