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केके हक्कू हॉकी स्टेडियम में नया सिंथेटिक टर्फ लगाने का काम शुरू
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जम्मू। केके हक्कू हॉकी स्टेडियम में नया सिंथेटिक टर्फ बिछाने का काम शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की ओर से टर्फ बिछाने काम करवाया जा रहा है। स्टेडियम में बिछाई जा रहा एस्ट्रो टर्फ अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के मानकों का है। हॉकी खिलाड़ी और हॉकी एसोसिएशन लंबे समय से स्टेडियम में टर्फ बिछाने की मांग कर रही थी।
स्टेडियम में ग्रीन टर्फ बिछ रहा, इसको लेकर खिलाड़ी में ज्यादा खुशी नहीं है, खिलाड़ियों का कहना है कि ग्रीन की जगह ब्ल्यू टर्फ लगाना चाहिए था, जिससे उसकी गुणवत्ता और अच्छी होती।
केके हुक्कू स्टेडियम संभाग में सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम है। 2001 में स्टेडियम खिलाड़ियों को समर्पित किया गया था। उस समय बिछाए टर्फ की लाइफ 2011 में पूरी होने के बाद वह जगह-जगह से खराब हो गया था, लेकिन टर्फ को बदला नहीं जा रहा था। इस कोविड से पहले स्पोर्ट्स काउंसिल ने सिंथेटिक टर्फ बिछाने के लिए सभी टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया था। लॉकडाउन हटते ही टर्फ बिछाने का काम शुरू हो गया है। टर्फ बिछाने से स्टेडियम अब राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों की मेजबानी कर सकेगा। साथ ही प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। हालांकि, टर्फ की गुणवत्ता को लेकर खिलाड़ी और हॉकी एसोसिएशन प्रश्न उठा रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना कि काउंसिल ने ग्रीन टर्फ लगाया है, जबकि अब अधिकांश स्टेडियमों में ब्ल्यू टर्फ लगाया जाता है।
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स्टेडियम में ग्रीन टर्फ बिछ रहा, इसको लेकर खिलाड़ी में ज्यादा खुशी नहीं है, खिलाड़ियों का कहना है कि ग्रीन की जगह ब्ल्यू टर्फ लगाना चाहिए था, जिससे उसकी गुणवत्ता और अच्छी होती।
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केके हुक्कू स्टेडियम संभाग में सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम है। 2001 में स्टेडियम खिलाड़ियों को समर्पित किया गया था। उस समय बिछाए टर्फ की लाइफ 2011 में पूरी होने के बाद वह जगह-जगह से खराब हो गया था, लेकिन टर्फ को बदला नहीं जा रहा था। इस कोविड से पहले स्पोर्ट्स काउंसिल ने सिंथेटिक टर्फ बिछाने के लिए सभी टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया था। लॉकडाउन हटते ही टर्फ बिछाने का काम शुरू हो गया है। टर्फ बिछाने से स्टेडियम अब राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों की मेजबानी कर सकेगा। साथ ही प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। हालांकि, टर्फ की गुणवत्ता को लेकर खिलाड़ी और हॉकी एसोसिएशन प्रश्न उठा रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना कि काउंसिल ने ग्रीन टर्फ लगाया है, जबकि अब अधिकांश स्टेडियमों में ब्ल्यू टर्फ लगाया जाता है।
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