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मैत्रा नाले पर बना पुल 30 घंटे में हुआ बहाल
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रामबन में मैत्रा पुल पर शुरू की गई वाहनों की आवाजाही
- फोटो : UDHAMPUR
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मैत्रा नाले पर बना पुल 30 घंटे में हुआ बहाल
पुल के भार वहन की क्षमता 30 से 70 टन की
संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन। जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स बीकन की 52 सड़क निर्माण कंपनी ग्रेफ ने 30 घंटे में युद्धस्तर पर मैत्रा नाले पर उन्नत बेली पुल का नवीनीकरण कर वाहनों की आवाजाही बहाल की। शनिवार सुबह साढ़े सात बजे इस पर काम शुरू हुआ, और रविवार दोपहर दो बजे पूरा हुआ।
नवीनीकृत पुल को रविवार दोपहर दो बजे जनता के लिए खोल दिया गया। अधिकारी कमांडिंग (ओसी) 52-आरसीसी जीआरईएफ कुमार गौतम के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के पुराने संरेखण पर इस पुल की भार वहन क्षमता 30 टन से बढ़ाकर 70 टन कर दी गई है। उन्होंने पुल के लिए कुछ स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध कराने के लिए कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड को धन्यवाद दिया।
ग्रेफ के अधिकारियों ने कहा कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेलवे लिंक (यूएसबीआरएल), 1850 सावलकोट हाइडल प्रोजेक्ट और गूल सब-डिवीजन के रास्ते में चल रही जिप्सम माइंस जैसी राष्ट्रीय परियोजनाओं में उपयोग के लिए भारी मशीनरी ले जाने वाले सभी भारी वाहन इस पुल से गुजरते हैं। इसलिए, इसका उन्नयन अत्यावश्यक था।
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पुल के भार वहन की क्षमता 30 से 70 टन की
संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन। जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स बीकन की 52 सड़क निर्माण कंपनी ग्रेफ ने 30 घंटे में युद्धस्तर पर मैत्रा नाले पर उन्नत बेली पुल का नवीनीकरण कर वाहनों की आवाजाही बहाल की। शनिवार सुबह साढ़े सात बजे इस पर काम शुरू हुआ, और रविवार दोपहर दो बजे पूरा हुआ।
नवीनीकृत पुल को रविवार दोपहर दो बजे जनता के लिए खोल दिया गया। अधिकारी कमांडिंग (ओसी) 52-आरसीसी जीआरईएफ कुमार गौतम के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के पुराने संरेखण पर इस पुल की भार वहन क्षमता 30 टन से बढ़ाकर 70 टन कर दी गई है। उन्होंने पुल के लिए कुछ स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध कराने के लिए कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड को धन्यवाद दिया।
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ग्रेफ के अधिकारियों ने कहा कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेलवे लिंक (यूएसबीआरएल), 1850 सावलकोट हाइडल प्रोजेक्ट और गूल सब-डिवीजन के रास्ते में चल रही जिप्सम माइंस जैसी राष्ट्रीय परियोजनाओं में उपयोग के लिए भारी मशीनरी ले जाने वाले सभी भारी वाहन इस पुल से गुजरते हैं। इसलिए, इसका उन्नयन अत्यावश्यक था।
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