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निवेश नीति से आयुष क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आयुष निवेश नीति को अमल में लाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आयुष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाना है। इसमें देशभर के निवेशकों को कई योजनाओं में 30 फीसदी तक सब्सिडी मिलेगी। इस नीति के तहत आयुष संस्थान, आयुष उत्पादन इकाइयों और औषधीय क्षेत्र पर खास ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में औषधीय पौधों की भरपूर क्षमता और संभावनाएं हैं। नीति की गाइडलाइन की मंजूरी के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है।
नई आयुष निवेश नीति के तहत आयुष संस्थान क्षेत्र में पैरा मेडिकल, आयुर्वेद, युनानी कॉलेजों के साथ अन्य संबद्ध संस्थानों का विस्तार किया जाएगा। इसी तरह उत्पादन इकाइयों में आयुष दवाओं में सिंगल व कंपाउंड ड्रग श्रेणी और औषधीय क्षेत्र में प्रोसेसिंग इकाइयां, मार्केट मंडी आदि का विस्तार किया जाएगा। नीति के तहत आयुष मेडिकल कॉलेज, पैरा मेडिकल संस्थान, 50 बेड इंटिग्रेटेड आयुष अस्पताल, मार्केट मंडी और प्रोसेसिंग इकाइयों पर पांच करोड़ के निवेश पर 30 फीसदी पूंजी सब्सिडी दी जाएगी। इसी तरह पूंजी क्रेडिट पर पांच साल तक 3 फीसदी ब्याज सब्सिडी देने का प्रावधान है। फ्रेट सब्सिडी (यातायात सब्सिडी) में 20 फीसदी और गुणवत्ता नियंत्रण व सर्टिफिकेशन पर न्यूनतम 2 करोड़ रुपये की लिमिट पर 30 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भूमि रिबेट पर 90 साल का लीज होगा। लेकिन निवेशकों को पहले 40 साल की लीज दी जाएगी, जिसमें उनके प्रदर्शन के आधार पर लीज आगे बढ़ाई जाएगी। जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2016 के तहत सिडको और सिकॉप के तहत लीज पर भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। निवेश के लिए आईएसएम निदेशालय को प्रस्ताव भेजे जाएंगे, जिसमें निदेशालय गाइडलाइन के तहत मंजूरी देकर प्रस्तावों को प्रदेश स्तर की एपेक्स प्रोजेक्ट क्लीरेंस कमेटी के पास भेजा।
आयुष मेडिकल कॉलेज को 25 एकड़ जमीन मिलेगी
आयुष क्षेत्र में अकादमिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आयुष मेडिकल कॉलेज के लिए 25 एकड़ (करीब 200 कनाल) जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें 100 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश करना होगा, जिसमें प्रति कनाल पर 1 रुपया प्रीमियम लिया जाएगा। इसी तरह इंटिग्रेटेड आयुष अस्पताल के लिए कम से कम 30 करोड़ रुपये के निवेश पर 2 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी।
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मार्केट मंडी और प्रोसेसिंग इकाइयों को मिलेगा बढ़ावा
आयुष क्षेत्र में उत्पादन के बाद मार्केट मंडी और प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए 8 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश पर 4 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। दवा उत्पादन इकाई के लिए 2 करोड़ रुपये के निवेश पर 4 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी। इसमें औद्योगिक क्षेत्र की नीति के तहत बिजली ट्रैरिफ होगा।
जम्मू-कश्मीर में आयुष का विस्तार होगा : निदेशक
जम्मू-कश्मीर आईएसएम के निदेशक डॉ. मोहन सिंह ने बताया कि नई आयुष निवेश नीति के तहत प्रदेश में आयुष क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देशभर से बड़े निवेशकों को आकर्षित करके निजी क्षेत्र में आयुष को बढ़ावा देना है। कोविड में भी आयुष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आयुष निवेश नीति को अप्रैल 2020 में मंजूरी दी गई थी। इसे अब गति दी जा रही है।
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नई आयुष निवेश नीति के तहत आयुष संस्थान क्षेत्र में पैरा मेडिकल, आयुर्वेद, युनानी कॉलेजों के साथ अन्य संबद्ध संस्थानों का विस्तार किया जाएगा। इसी तरह उत्पादन इकाइयों में आयुष दवाओं में सिंगल व कंपाउंड ड्रग श्रेणी और औषधीय क्षेत्र में प्रोसेसिंग इकाइयां, मार्केट मंडी आदि का विस्तार किया जाएगा। नीति के तहत आयुष मेडिकल कॉलेज, पैरा मेडिकल संस्थान, 50 बेड इंटिग्रेटेड आयुष अस्पताल, मार्केट मंडी और प्रोसेसिंग इकाइयों पर पांच करोड़ के निवेश पर 30 फीसदी पूंजी सब्सिडी दी जाएगी। इसी तरह पूंजी क्रेडिट पर पांच साल तक 3 फीसदी ब्याज सब्सिडी देने का प्रावधान है। फ्रेट सब्सिडी (यातायात सब्सिडी) में 20 फीसदी और गुणवत्ता नियंत्रण व सर्टिफिकेशन पर न्यूनतम 2 करोड़ रुपये की लिमिट पर 30 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भूमि रिबेट पर 90 साल का लीज होगा। लेकिन निवेशकों को पहले 40 साल की लीज दी जाएगी, जिसमें उनके प्रदर्शन के आधार पर लीज आगे बढ़ाई जाएगी। जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2016 के तहत सिडको और सिकॉप के तहत लीज पर भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। निवेश के लिए आईएसएम निदेशालय को प्रस्ताव भेजे जाएंगे, जिसमें निदेशालय गाइडलाइन के तहत मंजूरी देकर प्रस्तावों को प्रदेश स्तर की एपेक्स प्रोजेक्ट क्लीरेंस कमेटी के पास भेजा।
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आयुष मेडिकल कॉलेज को 25 एकड़ जमीन मिलेगी
आयुष क्षेत्र में अकादमिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आयुष मेडिकल कॉलेज के लिए 25 एकड़ (करीब 200 कनाल) जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें 100 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश करना होगा, जिसमें प्रति कनाल पर 1 रुपया प्रीमियम लिया जाएगा। इसी तरह इंटिग्रेटेड आयुष अस्पताल के लिए कम से कम 30 करोड़ रुपये के निवेश पर 2 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी।
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मार्केट मंडी और प्रोसेसिंग इकाइयों को मिलेगा बढ़ावा
आयुष क्षेत्र में उत्पादन के बाद मार्केट मंडी और प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए 8 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश पर 4 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। दवा उत्पादन इकाई के लिए 2 करोड़ रुपये के निवेश पर 4 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी। इसमें औद्योगिक क्षेत्र की नीति के तहत बिजली ट्रैरिफ होगा।
जम्मू-कश्मीर में आयुष का विस्तार होगा : निदेशक
जम्मू-कश्मीर आईएसएम के निदेशक डॉ. मोहन सिंह ने बताया कि नई आयुष निवेश नीति के तहत प्रदेश में आयुष क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देशभर से बड़े निवेशकों को आकर्षित करके निजी क्षेत्र में आयुष को बढ़ावा देना है। कोविड में भी आयुष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आयुष निवेश नीति को अप्रैल 2020 में मंजूरी दी गई थी। इसे अब गति दी जा रही है।