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एनआईटी विवाद : आखिरकार डिप्टी सीएम ने गैर कश्मीरी छात्रों से की बात
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sat, 09 Apr 2016 12:53 AM IST
सार
- फिर कैंपस में कक्षाओं का बहिष्कार कर निकाला जुलूस
- पहली बार सरकार के किसी प्रतिनिधि ने छात्रों से की बात
- गैर-कश्मीरी छात्र कैंपस को श्रीनगर से शिफ्ट किए जाने की मांग पर अड़े
- मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी का भी 13 अप्रैल को श्रीनगर पहुंचने का कार्यक्रम
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डिप्टी सीएम श्रीनगर में हैं मौजूद
- फोटो : PTI
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विस्तार
डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल सिंह ने एलान किया कि एनआईटी श्रीनगर कैंपस में अब पुलिस नहीं जाएगी। उन्होंने दावा किया कि एनआईटी में सोमवार तक सब ठीक हो जाएगा। शुक्रवार को श्रीनगर स्थित अपने सरकारी आवास पर गैर कश्मीरी छात्रों के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से करीब सात घंटे की मैराथन गुफ्तगू के बाद उन्होंने यह बात कही।
बैठक में वरिष्ठ शिक्षा मंत्री नईम अख्तर, बीओजी चेयरमैन डॉ. जराबी, पुलिस और प्रशासन के अफसर और एनआईटी के कुछ अधिकारी शामिल थे। डिप्टी सीएम ने बताया कि लाठीचार्ज के लिए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि छात्रों ने एफआईआर का मामला भी उठाया था। उन्हें बताया गया है कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। किसी के खिलाफ नामजद मुकदमा नहीं है।
मजिस्ट्रेटी जांच भी चल रही है। छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है। बिजली और वाईफाई की दिक्कत भी दूर की जाएगी। छात्रों ने संस्थान के फैकल्टी मेंबर को लेकर कई शिकायतें की हैं कि उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। इस पर तय हुआ कि एक ई-मेल आईडी बनाई जाएगी जिस पर छात्र शिकायत कर सकते हैं। इसकी निगरानी बोर्ड आफ गवर्नर्स (बीओजी) के चेयरमैन डॉ. जराबी करेंगे।
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बैठक में वरिष्ठ शिक्षा मंत्री नईम अख्तर, बीओजी चेयरमैन डॉ. जराबी, पुलिस और प्रशासन के अफसर और एनआईटी के कुछ अधिकारी शामिल थे। डिप्टी सीएम ने बताया कि लाठीचार्ज के लिए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि छात्रों ने एफआईआर का मामला भी उठाया था। उन्हें बताया गया है कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। किसी के खिलाफ नामजद मुकदमा नहीं है।
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मजिस्ट्रेटी जांच भी चल रही है। छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है। बिजली और वाईफाई की दिक्कत भी दूर की जाएगी। छात्रों ने संस्थान के फैकल्टी मेंबर को लेकर कई शिकायतें की हैं कि उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। इस पर तय हुआ कि एक ई-मेल आईडी बनाई जाएगी जिस पर छात्र शिकायत कर सकते हैं। इसकी निगरानी बोर्ड आफ गवर्नर्स (बीओजी) के चेयरमैन डॉ. जराबी करेंगे।
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मांगों को लेकर गैर कश्मीरी छात्रों ने निकाला जुलूस
कैंपस में इकट्ठा हुए गैर कश्मीरी छात्र
- फोटो : Social Media
डॉ. जराबी ने बताया कि परीक्षाएं अपने नियत समय पर होंगी। यदि कोई बच्चा परीक्षा नहीं देता है तो उसकी परीक्षा बाद में कराई जाएगी। हालांकि, देश के टॉप 100 तकनीकी शिक्षण संस्थानों में 18वीं रैंकिंग पाने वाले एनआईटी श्रीनगर में फिलहाल कुछ भी ठीक नहीं है। कैंपस में गैर कश्मीरी छात्र-छात्राओं का विरोध प्रदर्शन और कक्षाओं का बहिष्कार शुक्रवार को भी जारी रहा।
सूत्रों के मुताबिक पांच छात्रों को घर भेजा गया है। शनिवार को कुछ और विद्यार्थियों को भेजा जाएगा। गैर कश्मीरी छात्रों ने मामले को सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग देने की कोशिशों की निंदा की है।
छात्रों को उम्मीद है कि मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी 13 अप्रैल को एनआईटी आएंगीं। भारत माता की जय बोलते हुए कैंपस में विरोध मार्च निकालकर मुख्य द्वार की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे छात्रों को सुरक्षा बलों ने रोक दिया।
सूत्रों के मुताबिक पांच छात्रों को घर भेजा गया है। शनिवार को कुछ और विद्यार्थियों को भेजा जाएगा। गैर कश्मीरी छात्रों ने मामले को सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग देने की कोशिशों की निंदा की है।
छात्रों को उम्मीद है कि मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी 13 अप्रैल को एनआईटी आएंगीं। भारत माता की जय बोलते हुए कैंपस में विरोध मार्च निकालकर मुख्य द्वार की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे छात्रों को सुरक्षा बलों ने रोक दिया।
छात्रों की शिकायतें सुनने के लिए कमेटी
कैंपस में प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : Social Media
एनआईटी को श्रीनगर से शिफ्ट करने, छात्रों की पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने, मुकदमे वापस लेने आदि मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र मेन गेट पर मौजूद मीडिया से बात करना चाहते थे। जम्मू से छात्रों का एक समूह एनआईटी श्रीनगर जाने के लिए बस से निकला लेकिन पुलिस ने नगरोटा में रोक लिया।
जम्मू यूनिवर्सिटी के बाहर और बिक्रम चौक पर भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। पैंथर्स पार्टी, श्रीराम सेना ने भी विरोध प्रदर्शन किए। बजरंग दल ने स्कास्ट पर तिरंगा फहराया। जम्मू में अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रदर्शन किया। वीडियो वार के बाद जेके पुलिस अब सोशल साइट पर भी दिखने लगी है। दो पुलिस अफसरों ने फेसबुक पर लिखा है हमें किसी से देशभक्ति का सर्टीफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। कश्मीरी छात्रों ने बाहरी छात्रों की मांगों का विरोध किया है।
छात्रों की शिकायतें, दुख-दर्द सुनने और उनके समाधान के लिए एनआईटी प्रशासन की ओर से एक कमेटी गठित की गई है। प्रोफेसर राजेंद्र अंबरदार (मेटालर्जिकल विभाग और मेटिरियल इंजीनियर ) को इसका चेयरमैन जबकि प्रोफेसर मोहम्मद अरिफ वाणी (प्रोफेसर कश्मीर विवि), सहायक प्रोफेसर (केंद्रीय विवि श्रीनगर) डॉ. अनिल कुमार को कमेटी का सदस्य और डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (एनआईटी, श्रीनगर) डॉ. अब्दुल लिमान को इस कमेटी का संयोजक सदस्य बनाया गया है।
जम्मू यूनिवर्सिटी के बाहर और बिक्रम चौक पर भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। पैंथर्स पार्टी, श्रीराम सेना ने भी विरोध प्रदर्शन किए। बजरंग दल ने स्कास्ट पर तिरंगा फहराया। जम्मू में अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रदर्शन किया। वीडियो वार के बाद जेके पुलिस अब सोशल साइट पर भी दिखने लगी है। दो पुलिस अफसरों ने फेसबुक पर लिखा है हमें किसी से देशभक्ति का सर्टीफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। कश्मीरी छात्रों ने बाहरी छात्रों की मांगों का विरोध किया है।
छात्रों की शिकायतें, दुख-दर्द सुनने और उनके समाधान के लिए एनआईटी प्रशासन की ओर से एक कमेटी गठित की गई है। प्रोफेसर राजेंद्र अंबरदार (मेटालर्जिकल विभाग और मेटिरियल इंजीनियर ) को इसका चेयरमैन जबकि प्रोफेसर मोहम्मद अरिफ वाणी (प्रोफेसर कश्मीर विवि), सहायक प्रोफेसर (केंद्रीय विवि श्रीनगर) डॉ. अनिल कुमार को कमेटी का सदस्य और डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (एनआईटी, श्रीनगर) डॉ. अब्दुल लिमान को इस कमेटी का संयोजक सदस्य बनाया गया है।