डेंगू का डंक: जम्मू संभाग में डेंगू के लगातार बढ़ रहे मरीज, 14 लोग पहुंचे अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में अब तक 14 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें जिला जम्मू सबसे अधिक प्रभावित है। राहत यह है कि अभी तक किसी पीड़ित की डेंगू से मौत नहीं हुई है।
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मानसून की बारिश के बाद मच्छरों के पनपने का असर दिखने लगा है। जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में अब तक 14 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें जिला जम्मू सबसे अधिक प्रभावित है। राहत यह है कि अभी तक किसी पीड़ित की डेंगू से मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिला जम्मू में अब तक नौ डेंगू के मामले मिल चुके हैं।
इसके अलावा छह अन्य संदिग्ध मामले हैं, जो निजी लैब से डेंगू से अपलोड किए गए हैं। इन मामलों की जांच की जा रही है। इसके अलावा जिला सांबा, कठुआ, उधमपुर, रियासी और पुंछ में एक एक मामला मिला है। अगस्त से अक्तूबर माह तक डेंगू मामलों का अधिक प्रभाव रहता है।
इस साल मानसून की अच्छी बारिश हुई है, जिससे आशंका है कि आगामी समय में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य मलेरियाजिस्ट डॉ. रीटा कोतवाल ने बताया कि जिला जम्मू में कई निजी लैब की ओर से आईजीजी रेपिड टेस्ट को भी डेंगू दिखाकर अपलोड किया जा रहा है।
आईजीजी टेस्ट में लंबे समय पहले का भी वायरस दर्शाता है। जबकि एलिजा टेस्ट में आईजीएम और एनएसआई में ताजा वायरस दर्शाता है, जिससे ही डेंगू की सही पुष्टि होती है। कुछ निजी लैब द्वारा कुछ डेंगू के संदिग्ध मामले दर्शाये गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
डेंगू से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा रही है। जम्मू संभाग में अब तक वर्ष 2013 में सर्वाधिक रिकार्ड 1838 डेंगू के मामले मिले थे और चार लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि अनाधिकारिक तौर पर अन्य राज्यों के अस्पतालों में जम्मू संभाग से सैकड़ों मरीज भर्ती हुए थे और कईयों की मौत हो गई थी।
डेंगू के लक्षण
1. सिर में तेज दर्द और बुखार होना
2. मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
3. आंखों में दर्द होना, जी मचलना व उल्टी होना
बचाव
1. कूलर, पानी की खुली टंकी, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे बर्तन में पानी जमा न होने दें
2. डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, ऐसे कपड़े पहने जो शरीर को ढककर रखे।
मच्छरों पर जागरूकता को आईईसी वैन रवाना
विश्व मच्छर दिवस पर स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू से मच्छरों पर जागरूकता के लिए एक आईईसी वैन को रवाना किया गया। यह दिवस नोबल पुरस्कार विजेता और ब्रिटिश डॉ. सर रोनाल्ड रास की याद में मनाया जाता है। इस दौरान वैन को हरी झंडी दिखाते हुए उपनिदेशक डॉ. संजय तुर्की ने कहा कि डेंगू सहित वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए जन भागीदारी को बढ़ाया जाए। इस दौरान स्टाफ सदस्यों ने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और पर्यावरण को मच्छर मुक्त बनाने का संकल्प लिया।