{"_id":"60e087b6d5164d13343a135e","slug":"delimitation-commission-demand-for-division-of-jammu-west-assembly-constituency-into-two-regions-several-parties-will-submit-memorandum-to-the-delimitation-team","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिसीमन आयोग: जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को दो विस क्षेत्रों में बांटने की मांग, परिसीमन टीम को कई दल सौंपेंगे ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिसीमन आयोग: जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को दो विस क्षेत्रों में बांटने की मांग, परिसीमन टीम को कई दल सौंपेंगे ज्ञापन
Sat, 03 Jul 2021 09:22 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sat, 03 Jul 2021 09:22 PM IST
सार
कई दल परिसीमन आयोग की टीम से मिलकर मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपेंगे।
विज्ञापन
Delimitation Commission meeting
- फोटो : ANI
विस्तार
परिसीमन आयोग के छह से नौ जुलाई तक के दौरे को देखते हुए जम्मू संभाग के कई क्षेत्रों में नए विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग उठ खड़ी हुई है। जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट ने जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को दो विस क्षेत्रों में बांटने की मांग की है। कई दल परिसीमन आयोग की टीम से मिलकर मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपेंगे।
जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट के अध्यक्ष सुनील डिंपल का कहना है कि जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र संभाग का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है। यहां पर करीब ढाई लाख मतदाता हैं। ऐसे में वह लंबे समय से मूवमेंट के झंडे तले संघर्ष करते आ रहे हैं कि जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को दो विस क्षेत्रों में बांटा जाए।
इसके अलावा उनका संगठन परिसीमन आयोग से नौशेरा और सुंदरबनी क्षेत्र को जिले का दर्जा देने की मांग भी करेगा। जम्मू जिले को अलग संसदीय क्षेत्र बनाने की मांग भी उठाई जाएगी। वहीं भाजपा के नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जम्मू, पुंछ जिलों में चार विधानसभा क्षेत्र हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- भारी पड़ सकती है ये लापरवाही: सामाजिक दूरी का नहीं रखा जा रहा ध्यान, संक्रमण बढ़ने का खतरा
यहां पर एक ओर विधानसभा क्षेत्र बनना चाहिए ताकि राजोरी व पुंछ जिलों के लोगों का बेहतर विकास व उनकी जन आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके। इसके अलावा किश्तवाड़, डोडा जिलों में भी अलग हल्कों की मांग समय-समय पर उठती रही है। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन के बाद प्रदेश में विस क्षेत्रों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो जाएगी।
विज्ञापन
जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट के अध्यक्ष सुनील डिंपल का कहना है कि जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र संभाग का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है। यहां पर करीब ढाई लाख मतदाता हैं। ऐसे में वह लंबे समय से मूवमेंट के झंडे तले संघर्ष करते आ रहे हैं कि जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को दो विस क्षेत्रों में बांटा जाए।
विज्ञापन
इसके अलावा उनका संगठन परिसीमन आयोग से नौशेरा और सुंदरबनी क्षेत्र को जिले का दर्जा देने की मांग भी करेगा। जम्मू जिले को अलग संसदीय क्षेत्र बनाने की मांग भी उठाई जाएगी। वहीं भाजपा के नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जम्मू, पुंछ जिलों में चार विधानसभा क्षेत्र हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- भारी पड़ सकती है ये लापरवाही: सामाजिक दूरी का नहीं रखा जा रहा ध्यान, संक्रमण बढ़ने का खतरा
यहां पर एक ओर विधानसभा क्षेत्र बनना चाहिए ताकि राजोरी व पुंछ जिलों के लोगों का बेहतर विकास व उनकी जन आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके। इसके अलावा किश्तवाड़, डोडा जिलों में भी अलग हल्कों की मांग समय-समय पर उठती रही है। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन के बाद प्रदेश में विस क्षेत्रों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो जाएगी।