फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Deharan bridge is waiting for repair for 56 years

Jammu News: 56 साल से मरम्मत का इंतजार कर रहा है देहारन पुल

विज्ञापन
Deharan bridge is waiting for repair for 56 years

विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। चार पंचायतों के चार स्कूलों, दो कॉलेजों को जम्मू शहर से जोड़ने वाला देहारन गांव में रणबीर नहर पर बना 56 साल पुराना पुल जर्जर हो चुका है। पुल पर तारकोल उखड़ने के साथ गड्ढे पड़े हैं। रेलिंग भी टूट चुकी है, जिससे वाहन चालक इस पर गुजरने से कतराते हैं। रोजाना पुल से एक हजार के करीब छोटे-बड़े वाहन आते-जाते हैं। उक्त चार पंचायतों की 10 हजार के करीब आबादी इसी पुल से होकर गुजरती है। यह इलाका शहर से 16 किलोमीटर दूर भलवाल ब्लॉक में आता है।
स्थानीय लोगों में अमित शर्मा, रमन भगत, अमित सिंह, राजीव शर्मा पुन्नु ने बताया कि 1967 में लोक निर्माण विभाग ने पुल बनाया था, जिसकी आज तक दोबारा मरम्मत नहीं की गई। हादसे का डर बना रहता है। पुल से भारी वाहनों की आवाजाही भी होती है, जिनसे कभी भी पुल गिर सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दफा विभाग के अधिकारियों को समस्या बता चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं देता। लगता है किसी हादसे का इंतजार हो रहा है। यह पुल बरन, कंगरेल, कोट और लोअर अंब पंचायत को जोड़ता है। इसके अलावा रांजन, लोअर रांजन, जंडियाल, लोअर जंडियाल, अघोर, भलवाल, घरोटा, सेरी, पंचायतों के लोग भी अधिकतर बार इसी रास्ते होकर गुजरते हैं। हालांकि इन पंचायतों के लिए बन तालाब से भी रास्ता है।
विज्ञापन


---
पुल की परेशानी लोगों की जुबानी
कंगरेल निवासी अमित शर्मा ने बताया कि पुल के मार्ग पर राजकीय राजीव गांधी नर्सिंग कॉलेज, राजकीय कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी चक्क भलवाल, सहित चार सरकारी स्कूल आते हैं। पुल जर्जर होने के कारण स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के वाहनों को रिंग रोड और घरोटा से होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। रमन भगत ने कहा कि पुल के दोनों तरफ लगी लोहे की रेलिंग भी टूट चुकी है। अब पुल का दायरा बढ़ाकर इसे बनाया जाना चाहिए, क्योंकि पुल पर वाहनों की आवाजाही ज्यादा है। इसके साथ पुल से ईंट भट्ठों और कारखानों से भारी-भरकम वाहन भी गुजरते हैं, जिसके पुल टूटने का डर रहता है। कंगरेल के ही अमित सिंह ने बताया कि जम्मू जाने के लिए बरन पंचायत के लोगों को अब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। नया पुल बनने के बाद ही राहत मिल पाएगी। जनहित में अफसरों को तत्काल पहल करने की जरूरत है। राजीव शर्मा ने बताया कि पुल जर्जर होने से वाहन चालकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। यह रास्ता रिंग रोड के बीचोंबीच से होकर घरोटा निकलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
देहारन गांव में रणबीर नहर पर बने पुल के खस्ताहाल होने की जानकारी है। इस पुल को दोबारा बनाने के लिए प्लान में रखा गया है। सरकार से राशि मिलते ही इसका टेंडर लगा दिया जाएगा।
- सुरेश खजुरिया, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed