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सीधी जंग में हारने के बाद पाक ने छेड़ा छद्म युद्ध, देश के जांबाज दे रहे कड़ा जवाब: रक्षा मंत्री

Thu, 03 Nov 2016 10:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Thu, 03 Nov 2016 10:55 PM IST
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defense minister's statement on ceasefire in jk
जवानों से मिलते रक्षा मंत्री - फोटो : PTI
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने भारतीय सेना को धरती के स्वर्ग कश्मीर की रक्षक बताया है। श्रीनगर में देश के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा को श्रद्धांजलि देने पहुंचे परिकर ने कहा कि पाकिस्तान की हमेशा से कश्मीर परे कब्जा करने की मंशा रही है।
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आमने-सामने की जंग हारने के बाद उसने छद्म युद्ध छेड़ रखा है। इसका हमारे सैनिक धरती के स्वर्ग और देश के बाकी हिस्सों में करारा जवाब दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मेजर सोमनाथ सहित अन्य तमाम जांबाज जवानों के बलिदान को याद करते हुए हम संकल्प लेते हैं कि पाकिस्तान की हर हरकत का माकूल जवाब दिया जाएगा।
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चार महीने की हिंसा पर उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर और देश को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। एक दिन पूर्व ही वे उड़ी गए थे जहां पर उन्होंने घरों पर टीन से बनी हुई छत देखी। कश्मीर में सूचना प्रौद्योगिकी और पर्यटन के क्षेत्र में इतनी संभावना है कि यहां की छतें टीन की नहीं, सोने की बन सकती हैं।
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रक्षा मंत्री ने की कश्मीर के सौंदर्य की तारीफ

defense minister's statement on ceasefire in jk
मेजर सोमनाथ शर्मा को श्रद्धांजलि देते रक्षा मंत्री - फोटो : PTI
उन्होंने कहा कि वे गोवा के हैं इसलिए उन्हें गोवा ही सबसे सुंदर लगता है, लेकिन, कश्मीर का सौंदर्य अलग है। इसे अमन की दरकार है। मेजर सोमनाथ शर्मा की बहादुरी का जिक्र करते हुए परिकर ने कहा पाकिस्तानी हमलावराें की संख्या सात गुना अधिक थी, लेकिन, मेजर की कमान में भारतीय सेना ने श्रीनगर एयरपोर्ट पर पाकिस्तान को कब्जा नहीं करने दिया।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अवाम को गुमराह कर रहा है जबकि यहां पर लोगों की चुनी हुई सरकार है। हिंसक घटनाओं पर परिकर ने कहा कुछ गुमराह नौजवान कश्मीरियत को चोट पहुंचा रहे हैं। स्कूलाें को जलाकर कश्मीरी बच्चाें के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं। जबकि शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्हाेंने कहा कि घाटी में तैनात सैन्य अफसराें को शिक्षा बहाली और बेहतरी के लिए हर मुमकिन मदद के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन, ग्रामीण इलाकों से भी इसके लिए दबाव बनाया जाना चाहिए। शिक्षा के महत्व पर अपनी मां की बातें साझा करते हुए परिकर ने कहा, मां कहती थी पैसा और संपत्ति चले जाते हैं, शिक्षा साथ रहती है।

अपने इलाके में वे पहले इंजीनियर और ग्रेजुएट बने। कश्मीर के समझदार और शांतिप्रिय लोगों से वे अपील करते हैं कि बच्चों के भविष्य की खातिर अपना योगदान दें। सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग सहित अन्य वरिष्ठ सैन्य अफसर भी मौजूद रहे।
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