जम्मू: स्टैंडिंग कमेटी की बैठकों के फैसले निराधार, लोगों को नहीं मिल पा रहा लाभ
शहर में नाले और नालियों की समस्या का समाधान किया जाना था। इस पर कई अहम फैसले लिए गए, लेकिन अभी तक काम नहीं हो पाया। डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने की योजना भी प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाई है।
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जम्मू नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की अब तक हुई नौ बैठकें मात्र औपचारिकता तक ही सीमित रही हैं। इनमें लिए गए फैसले सिरे नहीं चढ़ पाए। कमेटी ने बैठकों में बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी-किताबें, जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें और पेंशन सुविधा देने के फैसले लिए।
इन फैसलों को जनरल हाउस में मंजूरी तो मिली, लेकिन सुविधा देते बार नियम आड़े आ गए। दो साल में कोई भी लाभ लोगों को नहीं मिल पाया। इसी तरह स्वच्छ भारत कमेटी की ओर से भी शहर के सौंदर्यीकरण और साफ-सुथरा रखने के लिए कई कदम उठाए गए। लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम करवाए, लेकिन व्यवस्था में सुधार होता नजर नहीं आ रहा। हेल्थ एंड सैनिटेशन कमेटी की ओर से शहर को कचरा मुक्त करने के लिए कूड़ेदान आवंटित करने थे। स्वच्छ भारत कमेटी के अध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि तमाम फैसलों को लागू करवाया जा रहा है। इस संबंध में बैठक भी होगी।
बैठकों में लिए गए फैसलों पर काम किया जा रहा है, पहले नालों की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके बाद अन्य फैसले लागू करवाए जाएंगे। - नरेंद्र जमवाल, अध्यक्ष, हेल्थ एंड सैनिटेशन कमेटी
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स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंगों में लिए फैसलों पर आपत्तियों को दूर किया जाएगा और इन्हें लागू करवाया जाएगा। लोगों के हित में काम किए जा रहे हैं।- कुलदीप सिंह चिब, अध्यक्ष, सोशल जस्टिस कमेटी