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जम्मू-कश्मीर में राजनीति की दशा और दिशा तय करेंगे डीडीसी चुनाव के नतीजे
Tue, 22 Dec 2020 02:37 AM IST
Vikas Kumar
संजीव दुबे, अमर उजाला, जम्मू
संजीव दुबे, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 22 Dec 2020 02:37 AM IST
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ddc election
- फोटो : बासित जरगर
जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद चुनाव के परिणाम प्रदेश में भविष्य की राजनीति को दशा और दिशा देंगे। हालांकि, चुनाव परिणाम से पहले ही प्रदेश के मतदाताओं ने कड़ाके की ठंड और कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों में भारी मतदान कर यह संदेश दे दिया है कि वह नकारात्मक और हिंसा में विश्वास नहीं करते और भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और शांति के लिए मतदान केंद्रों में पहुंचकर अपना फर्ज पूरा कर चुके हैं।
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दरअसल, अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार डीडीसी का चुनाव हुआ है और प्रदेश के इतिहास में पहली बार परिषद का चुनाव हो रहा है। चुनाव लड़ने के लिए अनुच्छेद 370 के समर्थक दलों ने गुपकार गठबंधन के झंडे तले एकजुट होकर यह चुनाव लड़ा।
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वहीं भाजपा अनुच्छेद 370 के समाप्त होने से जम्मू-कश्मीर में हो रहे लाभ के एजेंडे को आगे रखते हुए मैदान में उतरी। दो अलग-अलग विचारधाराओं को प्रमुखता से लेकर लड़े गए इस चुनाव के नतीजे प्रदेश में भविष्य की राजनीति के लिए काफी अहम रहने वाले हैं। ऐसे में भाजपा हो या गुपकार गठबंधन में शामिल दल अथवा तटस्थ होकर चुनाव लड़ने वाले दलों में पैंथर्स पार्टी, अपनी पार्टी या निर्दलीय हर किसी की नजरें 22 दिसंबर को मतगणना पर टिकी हुई हैं।
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मतदाताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से भारी मतदान कर भारतीय लोकतंत्र में अपना विश्वास जताकर नकारात्मक दृष्टिकोण को खारिज कर दिया है। चुनाव के नतीजे जो भी हों। वह जम्मू-कश्मीर की राजनीति की दिशा और दशा तो तय करेंगे ही, लेकिन सबसे अहम दिशा और दशा मतदाता तय कर चुके हैं। उन्होंने अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद नकारात्मक राजनीति करने वालों को करारा जवाब दे दिया है। संसदीय चुनाव से भी ज्यादा मतदान कर मतदाताओं ने देश व पूरे संसार को दिखा दिया है कि जम्मू-कश्मीर का मतदाता भारतीय लोकतंत्र में विश्वास रखता है। -डॉ. योगराज शर्मा, प्रो. राजनीतिक विज्ञान, जेयू
भाजपा का प्रदर्शन जम्मू संभाग में भी अच्छा रहेगा और कश्मीर में भी। मतदाताओं ने भारी मतदान कर पाकिस्तान जैसी सोच रखने वालों को खारिज करने का काम किया है। भाजपा की सोच को सही माना है और परिणाम में भी यह सब दिखेगा। -रवींद्र रैना, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
पीडीपी ने अकेले अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ा है। गुपकार गठबंधन के झंडे तले जिला विकास परिषद का चुनाव लड़ा है। ऐसे में जम्मू और कश्मीर संभाग में गुपकार गठबंधन को बड़ी जीत मिलने वाली है। -सुरेंद्र चौधरी, महासचिव पीडीपी