{"_id":"5d45e93e8ebc3e6ce8642a58","slug":"dc-arrived-to-take-stock-of-flood-situation-jammu-news-jmu1907232106","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ के हालात का जायजा लेने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ के हालात का जायजा लेने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
विज्ञापन
DC arrived to take stock of flood situation
- फोटो : RSPURA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामगढ़। क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्र में बहने वाली बसंतर नदी की बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए शनिवार को सांबा जिला के डीसी रोहित खजूरिया और एसडीएम विजयपुर, तहसीलदार रामगढ़ कमलप्रीत सिंह आदि ने इलाके का दौरा किया। उन्होंने उन सभी जगहों का निरीक्षण किया, जहां से बसंतर की बाढ़ से सुरक्षा बांध, तारबंदी तथा बार्डर रोड क्षतिग्रस्त हुई है।
शनिवार को अपने काफिले के साथ डीसी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। वहां पर उन्होंने नदी की बाढ़ से जो भी नुकसान हुआ, उसका स्थानीय किसानों से पूरा ब्योरा लिया। सरपंच कुलदीप कुमार वर्मा, पूर्व सरपंच प्रेम पाल, जोगिंद्र सिंह, अशोक चौधरी, राज कुमार अन्य ने बताया कि बसंतर को बाढ़ ने बीते वर्षों की बाढ़ से जुड़ी बातें को ताजा कर दिया है। बीते छह साल से लगातार बरसात के दिनों में नदी का उफान किसानों की उपजऊ जमीनों को निगलता रहा है। अब तो नदी की बाढ़ है।
बाढ़ से होने से वाले भूमि कटाव को रोकने के लिए प्रशासनिक एवं विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस साल नदी की बाढ़ के रोकने के लिए सुरक्षा बांध का निर्माण करने के लिए सरकार ने 14.50 करोड़ के पैकेज को मंजूरी भी दी, लेकिन इसका समय से इस्तेमाल नहीं किया गया। गांव के किसानों का कहना है कि सिर्फ डेढ़ करोड़ के पैकेज के टेंडर पास कर अस्थायी सुरक्षा बांध का काम शुरू करवाया, जो बाढ़ आने से पहले पूरा नहीं हो पाया।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि प्रशासन और जिला बाढ़ नियंत्रण विभाग जानबूझ कर नदी के सुरक्षा बांध को बनाना शुरू नहीं करवा रहा। उधर, बाढ़ से होने से भूमि धन से एक तरफ किसानों को नुकसान हो रहा है तो दूसरी तक सरहद की सुरक्षा भी दांव पर लग रही है। डीसी सांबा रोहित खजूरिया ने कहा कि जल्द से जल्द ही बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक्सईएन और कर्मचारी को बुलाया है, ताकि जल्द से जल्द टूटे बांध की मरम्मत करवा सकें। श्रमिक काम पर लगे हुए हैं। पत्थर के करेंट बांध रहे हैं।
टूटे बांध का लिया जायजा
सांबा। आल इंडिया जाट महासभा के प्रदेश प्रधान चौधरी मनमोहन सिंह ने शनिवार को सीमावर्ती गांवों कमोर, बरोटा, केसो का दौरा किया और बाढ़ के पानी से प्रभावित किसानों से भेंट कर उनकी परेशानियों को सुना। इस अवसर पर एडीडीसी अरविंद कोतवाल, एसडीएम विजयपुर, तहसीलदार रामगढ़ भी उनके साथ थे। जाट सभा के प्रधान ने जिला अधिकारियों को किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बरसात के दिनों में सुरक्षा बांध टूट जाता है। इसके लिए वह लोग राज्यपाल सत्यपाल मलिक से भी मिले थे। उन्होंने फंड भी रीलिज करवाए थे, लेकिन ठेकेदार समय पर विकास नहीं करवा पाए। उन्होंने मांग उठाई है कि बांध के मरम्मत में तेजी लाई जाए ताकि किसानों को दोबारा नुकसान ना उठाना पडे़। ब्यूरो
विज्ञापन
शनिवार को अपने काफिले के साथ डीसी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। वहां पर उन्होंने नदी की बाढ़ से जो भी नुकसान हुआ, उसका स्थानीय किसानों से पूरा ब्योरा लिया। सरपंच कुलदीप कुमार वर्मा, पूर्व सरपंच प्रेम पाल, जोगिंद्र सिंह, अशोक चौधरी, राज कुमार अन्य ने बताया कि बसंतर को बाढ़ ने बीते वर्षों की बाढ़ से जुड़ी बातें को ताजा कर दिया है। बीते छह साल से लगातार बरसात के दिनों में नदी का उफान किसानों की उपजऊ जमीनों को निगलता रहा है। अब तो नदी की बाढ़ है।
विज्ञापन
बाढ़ से होने से वाले भूमि कटाव को रोकने के लिए प्रशासनिक एवं विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस साल नदी की बाढ़ के रोकने के लिए सुरक्षा बांध का निर्माण करने के लिए सरकार ने 14.50 करोड़ के पैकेज को मंजूरी भी दी, लेकिन इसका समय से इस्तेमाल नहीं किया गया। गांव के किसानों का कहना है कि सिर्फ डेढ़ करोड़ के पैकेज के टेंडर पास कर अस्थायी सुरक्षा बांध का काम शुरू करवाया, जो बाढ़ आने से पहले पूरा नहीं हो पाया।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि प्रशासन और जिला बाढ़ नियंत्रण विभाग जानबूझ कर नदी के सुरक्षा बांध को बनाना शुरू नहीं करवा रहा। उधर, बाढ़ से होने से भूमि धन से एक तरफ किसानों को नुकसान हो रहा है तो दूसरी तक सरहद की सुरक्षा भी दांव पर लग रही है। डीसी सांबा रोहित खजूरिया ने कहा कि जल्द से जल्द ही बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक्सईएन और कर्मचारी को बुलाया है, ताकि जल्द से जल्द टूटे बांध की मरम्मत करवा सकें। श्रमिक काम पर लगे हुए हैं। पत्थर के करेंट बांध रहे हैं।
टूटे बांध का लिया जायजा
सांबा। आल इंडिया जाट महासभा के प्रदेश प्रधान चौधरी मनमोहन सिंह ने शनिवार को सीमावर्ती गांवों कमोर, बरोटा, केसो का दौरा किया और बाढ़ के पानी से प्रभावित किसानों से भेंट कर उनकी परेशानियों को सुना। इस अवसर पर एडीडीसी अरविंद कोतवाल, एसडीएम विजयपुर, तहसीलदार रामगढ़ भी उनके साथ थे। जाट सभा के प्रधान ने जिला अधिकारियों को किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बरसात के दिनों में सुरक्षा बांध टूट जाता है। इसके लिए वह लोग राज्यपाल सत्यपाल मलिक से भी मिले थे। उन्होंने फंड भी रीलिज करवाए थे, लेकिन ठेकेदार समय पर विकास नहीं करवा पाए। उन्होंने मांग उठाई है कि बांध के मरम्मत में तेजी लाई जाए ताकि किसानों को दोबारा नुकसान ना उठाना पडे़। ब्यूरो