कश्मीर हिंसा: सिंचाई विभाग के दफ्तर में लगाई आग, श्रीनगर में हिंसक प्रदर्शन
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अलगाववादियों के अनंतनाग चलो मार्च को सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया। इस दौरान दक्षिणी कश्मीर सहित कई स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन हुए। पत्थरबाजी के बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए। इसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।
वहीं अनंतनाग में देर शाम प्रदर्शनकारियों ने सिंचाई विभाग के दफ्तर में आग लगा दी। आरोप है कि अनंतनाग में ही सीआरपीएफ के जवानों ने कई घरों के शीशे तोड़ डाले। इस बीच पांच जिलों तथा श्रीनगर के आठ थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू जारी है। शेष स्थानों पर सख्त पाबंदियां हैं। चार या चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है।
कर्फ्यू तोड़कर अनंतनाग जाने की कोशिश में हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी और हुर्रियत (एम) के मीरवाइज उमर फारूक को सुरक्षाबलों ने हिरासत में ले लिया।
गिलानी, मीरवाइज जुलूस निकालने की कोशिश में हिरासत में
अनंतनाग चलो मार्च के तहत संगम और आसपास के इलाकों से लोग जुलूस की शक्ल में अनंतनाग के लाल चौक के लिए बढ़े, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें बिजबिहाड़ा में रोक लिया। इस दौरान सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज तथा आंसू गैस के गोले दागे गए। यहां एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
श्रीनगर के पुराने शहर में शमसावाड़ी, बटमालू, डाउनटाउन में भी युवकों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया और आजादी के हक में नारेबाजी की। यहां भी लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए। अनंतनाग चलो मार्च को विफल करने के लिए अनंतनाग जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया था।
त्राल, सरगूफवारा आदि इलाकों से भी जुलूस निकले, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया। कुलगाम, खुदवानी, क्यामोह आदि इलाकों में भी जुलूस रोके गए। अच्छाबल में हिंसक प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस के गोले दागे गए।
उधर, अनंतनाग, बारामुला, कुलगाम, पुलवामा तथा शपियां जिले में कर्फ्यू जारी है। बांदीपोरा, बडगाम, गांदरबल और कुपवाड़ा तथा श्रीनगर के आठ थाना क्षेत्रों को छोड़कर शेष इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया गया है। घाटी में मोबाइल, इंटरनेट तथा रेल सेवा ठप है। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
इंजीनियर रशीद को जुलूस निकालने से रोका
लंगेट से निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद तथा उनके समर्थकों को दिल्ली में जेके हाउस से जुलूस निकालने से पुलिस ने रोक दिया। वे कश्मीर हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति विरोध जताने के लिए प्रधानमंत्री आवास तक जाना चाहते थे। इसके पहले उन्हें जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया।
कारवां ए अमन बस सेवा बहाल
श्रीनगर-मुजफ्फराबाद कारवां-ए-अमन बस सेवा तीन सप्ताह बाद सोमवार को बहाल हो गई। श्रीनगर से तीन बसों में 73 लोग गए। इनमें 63 पीओके तथा 10 कश्मीरी लोग थे। सुबह साढ़े चार बजे बेमिना से तीन बसें रवाना हुईं जो सुबह सात बजे सलामाबाद उड़ी पहुंचीं।
ईद के चलते यह सेवा चार जुलाई को स्थगित की गई थी। बाद में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर हिंसा के चलते 11 और 18 जुलाई को भी बस सेवा बहाल नहीं हो पाई थी।