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संगत को मिलकर रहने का दिया संदेश
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संत समागम में प्रवचन करती माता सुदीकषा।
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विजयपुर। ठंडी खुई के पास बुधवार को संत समागम का आयोजन किया गया। इसमें हजारों संगत ने भाग लिया। संत समागम में माता सुदीकषा ने संगतों को भाईचारा मजबूत बनाए रखने और सभी को मिलकर रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि बाबा हरदेव ने अपना पूरा जीवन लोगों की भलाई में समर्पित कर दिया। इस तरह के सामाजिक कार्य करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। लोगों की भलाई के लिए हर वर्ग को आगे आना चाहिए। इसके अलावा संतों के बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए, जिससे समाज के उत्थान में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में शांति की चर्चा करने वाले बहुत लोग हैं लेकिन जब तक आप शांति का स्वयं अनुभव नहीं कर लेंगे तब तक यह सिर्फ मात्र एक शब्द हैं। हमें शांति अनुभव करने की जरूरत है। हमारे पास कितना भी धन दौलत क्यों न हो, लेकिन आंतरिक शांति के अभाव में हम गरीब के गरीब हैं। जिसके मन में शांति है वह दुनिया में सुखी जीवन जी रहा है।
समागम का आयोजन निरंकारी आश्रम के इंचार्ज सत्य गुरु माता सुदीकषा द्वारा किया गया। इस दौरान सतपाल, सरदार अजीत सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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उन्होंने कहा कि बाबा हरदेव ने अपना पूरा जीवन लोगों की भलाई में समर्पित कर दिया। इस तरह के सामाजिक कार्य करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। लोगों की भलाई के लिए हर वर्ग को आगे आना चाहिए। इसके अलावा संतों के बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए, जिससे समाज के उत्थान में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में शांति की चर्चा करने वाले बहुत लोग हैं लेकिन जब तक आप शांति का स्वयं अनुभव नहीं कर लेंगे तब तक यह सिर्फ मात्र एक शब्द हैं। हमें शांति अनुभव करने की जरूरत है। हमारे पास कितना भी धन दौलत क्यों न हो, लेकिन आंतरिक शांति के अभाव में हम गरीब के गरीब हैं। जिसके मन में शांति है वह दुनिया में सुखी जीवन जी रहा है।
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समागम का आयोजन निरंकारी आश्रम के इंचार्ज सत्य गुरु माता सुदीकषा द्वारा किया गया। इस दौरान सतपाल, सरदार अजीत सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद