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पुलिस स्मरण दिवस
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गुलशन गराउनङ मे नेशनल पुलीस ङे पर शहीदों को सलामी देते जवान
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जम्मू। रेलवे स्टेशन स्थित बलिदान स्तंभ पर सोमवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर पुलिस अधिकारी, शहीद जवानों के परिवार और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद जवानों को याद किया। गुलशन ग्राउंड में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां शहीद जवानों के परिवार को पुलिस की तरफ से सम्मानित किया गया। इस मौके पर आईजी मुकेश सिंह मौजूद रहे। उन्होंने शहीदों के परिवार वालों की समस्याएं भी सुनीं।
आईजी ने कहा कि शहीद जवानों की वजह से ही हम सुरक्षित हैं। इसलिए उनके परिवार की जिम्मेदारी हमारी जिम्मेदारी है। बलिदान स्तंभ पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते समय कई परिवार की आंखें छलक उठीं। शाम के समय बलिदान स्तंभ पर मोमबत्तियां जलाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पुलिस के आईजी सहित डीआईजी, एसएसपी और अन्य पुलिस अफसर भी मौजूद रहे। उधर, सीमा सुरक्षा बल के पलोड़ा स्थित बीएसएफ मुख्यालय में भी कार्यक्रम का आयोजन कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
बीएसएफ के आईजी एसएन जमवाल ने कहा कि 1959 में चीन ने पुलिस के 20 जवानों को शहीद कर दिया था। हर साल कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 भी दर्द देने वाला वर्ष रहा है। इसी साल पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए थे। इन शहीदों को याद करते ही आंखें नम हो गईं। पुलिस स्मरण दिवस पर सीआरपीएफ की कई बटालियनों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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आईजी ने कहा कि शहीद जवानों की वजह से ही हम सुरक्षित हैं। इसलिए उनके परिवार की जिम्मेदारी हमारी जिम्मेदारी है। बलिदान स्तंभ पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते समय कई परिवार की आंखें छलक उठीं। शाम के समय बलिदान स्तंभ पर मोमबत्तियां जलाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पुलिस के आईजी सहित डीआईजी, एसएसपी और अन्य पुलिस अफसर भी मौजूद रहे। उधर, सीमा सुरक्षा बल के पलोड़ा स्थित बीएसएफ मुख्यालय में भी कार्यक्रम का आयोजन कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
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बीएसएफ के आईजी एसएन जमवाल ने कहा कि 1959 में चीन ने पुलिस के 20 जवानों को शहीद कर दिया था। हर साल कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 भी दर्द देने वाला वर्ष रहा है। इसी साल पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए थे। इन शहीदों को याद करते ही आंखें नम हो गईं। पुलिस स्मरण दिवस पर सीआरपीएफ की कई बटालियनों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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