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सत्संग सुनने से कई प्रकार के कष्ट दूर होते हैं
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रामानंद जी का जन्मदिवस मनाते श्रद्धालु।
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विजयपुर। कस्बे के वार्ड-तीन स्थित रामानंद महाराज आश्रम में शनिवार को रामानंद जी का जन्मदिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर सत्संग और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
रामानंद जी महाराज द्वारा सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि सत्संग सुनने से कई प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। सत्संग में बैठने से न केवल ईश्वर का आशीर्वाद और पुण्य मिलता है, बल्कि इससे कठिन कार्य पर भी सफलता पाई जा सकती है। इससे अकाल मृत्यु को भी टाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई भी कार्य नहीं है, जिसमें सत्संग द्वारा सफल न मिले। उन्होंने भगवान कृष्ण की जीवनी पर भी प्रकाश डाला। कहा भगवान कृष्ण ने जितनी लीला की, जीव कल्याण के लिए की। उन्होंने कहा कि जब जीव प्रभु की शरण में आ जाता है तो उसके दुखों का अंत हो जाता है, परंतु जब वह प्रभु से दूर होने लगता है तो दुख आसपास मंडराने लगते हैं। उन्होंने कहा कि सुख हो या दुख, प्रभु से कभी दूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कई प्रसंगों को प्रस्तुत करके श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इस अवसर पर लंगर का आयोजन किया गया।
इस मौके पर छतर सिंह, जोगिंदर पाल शर्मा आदि मौजूद थे।
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रामानंद जी महाराज द्वारा सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि सत्संग सुनने से कई प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। सत्संग में बैठने से न केवल ईश्वर का आशीर्वाद और पुण्य मिलता है, बल्कि इससे कठिन कार्य पर भी सफलता पाई जा सकती है। इससे अकाल मृत्यु को भी टाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई भी कार्य नहीं है, जिसमें सत्संग द्वारा सफल न मिले। उन्होंने भगवान कृष्ण की जीवनी पर भी प्रकाश डाला। कहा भगवान कृष्ण ने जितनी लीला की, जीव कल्याण के लिए की। उन्होंने कहा कि जब जीव प्रभु की शरण में आ जाता है तो उसके दुखों का अंत हो जाता है, परंतु जब वह प्रभु से दूर होने लगता है तो दुख आसपास मंडराने लगते हैं। उन्होंने कहा कि सुख हो या दुख, प्रभु से कभी दूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कई प्रसंगों को प्रस्तुत करके श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इस अवसर पर लंगर का आयोजन किया गया।
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इस मौके पर छतर सिंह, जोगिंदर पाल शर्मा आदि मौजूद थे।