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पाकिस्तान के सैंदावली में एक सप्ताह चलता है बाबा चमलियाल मेला
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सांबा चमलियाल दरगाह पर मात्था टेकते डीडीसी आध्यक्ष
- फोटो : SAMBA
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सांबा। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित दरगाह बाबा चमलियाल में 23 जून को मेले का आयोजन होगा। इसको लेकर बाबा की मजार पर लोगों का आना शुरू हो गया है। श्रद्धालु बाबा की मजार पर माथा टेक रहे हैं। वहीं जिन्हें चंबल रोग है वह अपने घरों में शक्कर शर्बत ले जाकर शरीर पर उसका लेप करते हैं।
उधर बाबा की मजार के सामने पाकिस्तान के सैंदावली गांव में बाबा की मजार है। वहां वीरवार से ही मेला शुरू हो गया है। जो 23 जून तक चलेगा। जानकारों के अनुसार बाबा की मजार पर कुएं के पानी जिसे शर्बत कहा जाता है व निकट ही तालाब है, जिसकी मिट्टी को शक्कर कहते हैं। दोनों को मिला कर लेप करने से पुराने से पुराने चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। एक माह तक लेप करना होता है। मेले से पहले ही श्रद्धालु शक्कर शर्बत ले जाते हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए शक्कर शर्बत का खास प्रबंध किया जाता है।
पाकिस्तानी श्रद्धालु पूरे साल शक्कर शर्बत का इंतजार करते थे। जब जीरो लाइन पर दोनों देशों के बीच कार्यक्रम होता था। तो सीमा सुरक्षा बल के जवान बाबा की दरगाह से शक्कर शर्बत ले जाकर जीरो लाइन पर ट्राली खड़ी कर देते थे। पाकिस्तानी श्रद्धालु अपने ट्रैक्टर से उक्त शक्कर शर्बत सैदांवली ले जाते थे। वहां श्रद्धालु बेसब्री से उसका इंतजार करते थे। उन्हें बांटी जाती थी। अब पाकिस्तानी श्रद्धालु इससे वंचित रह रहे हैं।
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बताया गया है जैसे भारतीय श्रद्धालु बाबा चमलियाल की पूजा करते हैं। उसी प्रकार पाकिस्तानी श्रद्धालु भी सैंदाबली में बाबा की मजार पर पहुंच कर मन्नतें मांगते हैं।
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पहले बीएसएफ करता था मेले का प्रबंध
बाबा चमलियाल मेले का प्रबंध पहले सीमा सुरक्षा बल के हाथों में था। बीएसएफ के जवान मेले को सफल बनाने में दिन रात एक कर देते थे। वर्ष 2008 के बाद मेले का प्रबंध जिला प्रशासन ने अपने संरक्षण में ले लिया। अब जिला प्रशासन की ओर से ही बाबा चमलियाल मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें दरगाह कमेटी व स्थानीय युवाओं के सहयोग से बाबा चमलियाल मेले का आयोजन किया जाता है।
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मेले को यादगार बनाने की कोशिश
चमलियाल विकास कमेटी के प्रधान बिल्लू चौधरी ने बताया कि दो वर्ष मेले का आयोजन नहीं किया गया। कोरोना के दौरान दरगाह को नहीं खोला गया। अब मेले को यादगार बनाने के लिए भरपूर कोशिशें की जा रही हैं। इस बार मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके लिए सभी प्रबंध कर लिए गए हैं।
पूर्व मंत्री ने दरगाह पर माथा टेका
रामगढ़। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाबा चमलियाल दरगाह पर मेले को लेकर बन रही रौनक। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा, डीडीसी अध्यक्ष केशव शर्मा, सदस्य अनिता चौधरी, शिल्पा दुबे ने शनिवार को दरगाह पर माथा टेका और मेले की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं के रहने, खाने, पीने, शौचालय की व्यवस्था का जायजा लिया। पूर्व मंत्री और डीडीसी अध्यक्ष ने पुलिस और बीएसएफ के अधिकारियों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के बंदोबस्त का जायजा लिया। इस मौके पर जय शर्मा, अमर सिंह, अतरेश दत्ता, टोनी चौधरी आदि मौजूद रहे। संवाद
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उधर बाबा की मजार के सामने पाकिस्तान के सैंदावली गांव में बाबा की मजार है। वहां वीरवार से ही मेला शुरू हो गया है। जो 23 जून तक चलेगा। जानकारों के अनुसार बाबा की मजार पर कुएं के पानी जिसे शर्बत कहा जाता है व निकट ही तालाब है, जिसकी मिट्टी को शक्कर कहते हैं। दोनों को मिला कर लेप करने से पुराने से पुराने चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। एक माह तक लेप करना होता है। मेले से पहले ही श्रद्धालु शक्कर शर्बत ले जाते हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए शक्कर शर्बत का खास प्रबंध किया जाता है।
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पाकिस्तानी श्रद्धालु पूरे साल शक्कर शर्बत का इंतजार करते थे। जब जीरो लाइन पर दोनों देशों के बीच कार्यक्रम होता था। तो सीमा सुरक्षा बल के जवान बाबा की दरगाह से शक्कर शर्बत ले जाकर जीरो लाइन पर ट्राली खड़ी कर देते थे। पाकिस्तानी श्रद्धालु अपने ट्रैक्टर से उक्त शक्कर शर्बत सैदांवली ले जाते थे। वहां श्रद्धालु बेसब्री से उसका इंतजार करते थे। उन्हें बांटी जाती थी। अब पाकिस्तानी श्रद्धालु इससे वंचित रह रहे हैं।
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बताया गया है जैसे भारतीय श्रद्धालु बाबा चमलियाल की पूजा करते हैं। उसी प्रकार पाकिस्तानी श्रद्धालु भी सैंदाबली में बाबा की मजार पर पहुंच कर मन्नतें मांगते हैं।
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पहले बीएसएफ करता था मेले का प्रबंध
बाबा चमलियाल मेले का प्रबंध पहले सीमा सुरक्षा बल के हाथों में था। बीएसएफ के जवान मेले को सफल बनाने में दिन रात एक कर देते थे। वर्ष 2008 के बाद मेले का प्रबंध जिला प्रशासन ने अपने संरक्षण में ले लिया। अब जिला प्रशासन की ओर से ही बाबा चमलियाल मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें दरगाह कमेटी व स्थानीय युवाओं के सहयोग से बाबा चमलियाल मेले का आयोजन किया जाता है।
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मेले को यादगार बनाने की कोशिश
चमलियाल विकास कमेटी के प्रधान बिल्लू चौधरी ने बताया कि दो वर्ष मेले का आयोजन नहीं किया गया। कोरोना के दौरान दरगाह को नहीं खोला गया। अब मेले को यादगार बनाने के लिए भरपूर कोशिशें की जा रही हैं। इस बार मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके लिए सभी प्रबंध कर लिए गए हैं।
पूर्व मंत्री ने दरगाह पर माथा टेका
रामगढ़। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाबा चमलियाल दरगाह पर मेले को लेकर बन रही रौनक। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा, डीडीसी अध्यक्ष केशव शर्मा, सदस्य अनिता चौधरी, शिल्पा दुबे ने शनिवार को दरगाह पर माथा टेका और मेले की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं के रहने, खाने, पीने, शौचालय की व्यवस्था का जायजा लिया। पूर्व मंत्री और डीडीसी अध्यक्ष ने पुलिस और बीएसएफ के अधिकारियों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के बंदोबस्त का जायजा लिया। इस मौके पर जय शर्मा, अमर सिंह, अतरेश दत्ता, टोनी चौधरी आदि मौजूद रहे। संवाद