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आसमान छू रहे रेत बजरी के दाम
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सांबा। आम लोगों के लिए घर बनाना काफी मंहगा होता जा रहा है। रेत बजरी के दाम आसमान छू रहे हैं। प्रशासन खनन माफिया के सामने बेबस नजर आ रहा है।
आम आदमी पार्टी की नेता रीना चौधरी, नरेंद्र सिंह, सुरिंद्र सिंह, ओम प्रकाश आदि ने बताया कि खनन माफिया की मनमर्जी के चलते आज घर बनाना भी मुश्किल हो गया है। उनके अनुसार रेत बजरी के दाम आसमान छू रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन कोई उचित कदम नहीं उठा रहा है। उनके अनुसार कि बसंतर दरिया को छलनी किया जा रहा है। बसंतर दरिया में आठ से 15 फुट तक गहरे खडे़ बना दिए गए हैं। जो नियमों के खिलाफ हैं। उन्होंने बताया कि इस बाबत उन्होंने कई बार खनन विभाग व जिला प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं होने से खनन माफिया अपनी मनमर्जी कर रहा है। सरकारी दाम 3.25 रुपये प्रति सैकड़ा है, जबकि रेत के दुगने दाम वसूले जा रहे हें। उनके अनुसार रात्रि में बसंतर दरिया पर बड़ी-बड़ी मशीन से खनन किया जाता है। जबकि प्रशासन बेबस नजर आ रहा है।
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खनन विभाग के जिला अधिकारी ने पहले साफ कर दिया कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। उनके अनुसार नियम के अनुसार एक से डेढ़ मीटर तक गहरी रेत ही उठाई जानी होती है। वहीं पानी से रेत नहीं उठाई जा सकती है। वहीं खनन का समय सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक ही है। इसके बाद खनन गैर कानूनी है।
-मोहमद सैयद, जिला खनन अधिकारी, सांबा।
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आम आदमी पार्टी की नेता रीना चौधरी, नरेंद्र सिंह, सुरिंद्र सिंह, ओम प्रकाश आदि ने बताया कि खनन माफिया की मनमर्जी के चलते आज घर बनाना भी मुश्किल हो गया है। उनके अनुसार रेत बजरी के दाम आसमान छू रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन कोई उचित कदम नहीं उठा रहा है। उनके अनुसार कि बसंतर दरिया को छलनी किया जा रहा है। बसंतर दरिया में आठ से 15 फुट तक गहरे खडे़ बना दिए गए हैं। जो नियमों के खिलाफ हैं। उन्होंने बताया कि इस बाबत उन्होंने कई बार खनन विभाग व जिला प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं होने से खनन माफिया अपनी मनमर्जी कर रहा है। सरकारी दाम 3.25 रुपये प्रति सैकड़ा है, जबकि रेत के दुगने दाम वसूले जा रहे हें। उनके अनुसार रात्रि में बसंतर दरिया पर बड़ी-बड़ी मशीन से खनन किया जाता है। जबकि प्रशासन बेबस नजर आ रहा है।
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खनन विभाग के जिला अधिकारी ने पहले साफ कर दिया कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। उनके अनुसार नियम के अनुसार एक से डेढ़ मीटर तक गहरी रेत ही उठाई जानी होती है। वहीं पानी से रेत नहीं उठाई जा सकती है। वहीं खनन का समय सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक ही है। इसके बाद खनन गैर कानूनी है।
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-मोहमद सैयद, जिला खनन अधिकारी, सांबा।