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महा शिवरात्रि पर सजे मंदिर, मुख्य समारोह आप शंभु मंदिर में
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सांबा शिव मंदिरो मे की गई दीप माला
- फोटो : SAMBA
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सांबा। कोरोना के चलते दो वर्ष से महा शिवरात्रि का पर्व नहीं मनाया जा सका। अब माहौल सामान्य होने पर प्रशासन की ओर से अनुमति मिलने पर महा शिवरात्रि पर्व की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
जिले भर में मंदिरों को बड़े आकर्षक तरीके से सजाया गया है। कस्बे के सैन्य क्षेत्र महेश्वर में आप शंभु मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों की ओर से विभिन्न प्रकार के स्टाल लगाए जाते हैं। एक मेले के समान माहौल रहता है। सोमवार शाम से ही लोग मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुंचना शुरू हो जाते हैं।
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क्या है महानता आप शंभु मंदिर की
माहेश्वर नाम से प्रसिद्ध सांबा के क्षेत्र का नाम महादेव के महेश्वर मंदिर कारण ही है। यह मंदिर प्राचीन मंदिरों में प्रमुख है। यहां कृष्ण पुत्र सांब का शिव पूजा करना दर्शाता है कि यह आप शंभू मंदिर महाभारत काल के समय भी था। इस प्राचीन मंदिर में लगे शिलालेख की भाषा का पता नहीं चलता है, जबकि इतिहासकारों के अनुसार जब कृष्ण पुत्र सांब को कुष्ठ रोग हुआ, तब उसने विश्वामित्र नदी (जो अब बसंतर के नाम से मशहूर है) के तट पर तप किया था, व इस शिव स्थल पर जल अभिषेक किया था। सांब के कारण ही इस क्षेत्र का नाम सांबा पड़ा व माहेष जगह के मंदिर के कारण अब इसे माहेश्वर कहा जाता है।
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किवदंतियों के अनुसार एक ग्वाला गाए चराने इस क्षेत्र में आता था। उसकी एक गाए घर जाकर दूध नहीं देती थी। उसने गाय का पीछा किया तो गाए एक पत्थरनुमा शिवलिंग पर खड़ी थी व दूध की धारा बह रही थी। ग्वाले ने शिवलिंग को पत्थर से खंडित कर दिया। तब उसमें से रक्त की धारा निकली थी। बाद में इस स्थान पर छोटा सा मंदिर बनाया गया। आप शंभू मंदिर अब क्षेत्र में काफी मशहूर है।
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सांबा के शिव दोआला का शिव मंदिर भी प्राचीन है। इसको पूर्व में सांबेश्वर कहा जाता था। यहां भी सांब राजा के पूजा करने प्रमाण हैं, जिस कारण इसको सांबेश्वर कहा गया है। मंदिर में महा शिवरात्रि पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाता है।
-श्री श्री 1008 मंहत दत गिरी, महंत, सांबेश्वर मंदिर, सांबा
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रात्रि 12 बजे से ही श्रद्धालु मंदिर में पूजा के लिए आना शुरू हो जाते हैं। सुबह 9 बजे रूद्र अभिषेक होगा। बाद में हवन यज्ञ किया जाएगा। मंगलवार शाम को 4 बजे पूजा अर्चना की जाएगी।
-महंत परसु राम गिरी, गद्दी सेवक, आप शंभू मंदिर, माहेश्वर सांबा
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महा शिवरात्रि पर्व पर आप शंभू मंदिर माहेश्वर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। इसके लिए मंदिर प्रबंधकों की ओर से भी पूरे इंतजाम किए गए है। जिन श्रद्धालुओं ने व्रत रखे हैं। उनके लिए खाने के लिए फलाहार का प्रबंध किया जाएगा।
-एमपी सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता, आप शंभू मंदिर, माहेश्वर सांबा
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जिले के घगवाल, राजपुरा, पलूरा बैनगलाड आदि में स्थित शिव मंदिराें को भी सजाया गया है। धूमधाम के साथ पर्व मनाया जाएगा। पलूरा शिव मंदिर कमेटी के दर्शन चौधरी ने बताया कि हर वर्ष कमेटी की ओर से महा शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। दो वर्ष से महा शिवरात्रि पर्व कोरोना के कारण नहीं मनाया जा सका। अब पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। बाद में लंगर भी बांटा जाएगा।
घगवाल में शिवरात्रि पर सजे मंदिर
घगवाल। घगवाल व राजपुरा में मंगलवार को मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर मंदिर दुल्हन की तरह सज गए हैं। मंगलवार को देशभर में महा शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। लोगों ने महा शिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव के व्रत को लेकर बाजारों में सामग्री की खरीदारी भी की। इसके लिए प्रशासन ने भी विशेष प्रबंध किए। माना जाता है कि जो भी शिव भक्त शिवरात्रि में व्रत रख रात के समय विधिवत पूजा करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। शिव भगवान उनकी रक्षा कर हर संकट से करते हैं। संवाद
लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा
विजयपुर। महाशिवरात्रि को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व मंगलवार को बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। शिव भक्तों ने बताया कि काफी दिन से शिवमंदिरों में सफाई और रंग रोगन किया जा रहा था। इसकी तैयारियां पूरी हो गई हैं। मंगलवार को शिवरात्रि के दिन भोलेनाथ का व्रत रखा जाएगा और पूजा अर्चना की जाएगी। उसी के चलते मंगलवार को शिवभक्तों ने बाजार से खरीदारी की। इस मौके पर लोगों ने शिवलिंग पर चढ़ाने वाला सामान खरीदा। भक्तों ने बताया कि शिवरात्रि के दिन व्रत रखने से और पूजा अर्चना करने से हर प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। यही कारण है कि महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। संवाद
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जिले भर में मंदिरों को बड़े आकर्षक तरीके से सजाया गया है। कस्बे के सैन्य क्षेत्र महेश्वर में आप शंभु मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों की ओर से विभिन्न प्रकार के स्टाल लगाए जाते हैं। एक मेले के समान माहौल रहता है। सोमवार शाम से ही लोग मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुंचना शुरू हो जाते हैं।
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क्या है महानता आप शंभु मंदिर की
माहेश्वर नाम से प्रसिद्ध सांबा के क्षेत्र का नाम महादेव के महेश्वर मंदिर कारण ही है। यह मंदिर प्राचीन मंदिरों में प्रमुख है। यहां कृष्ण पुत्र सांब का शिव पूजा करना दर्शाता है कि यह आप शंभू मंदिर महाभारत काल के समय भी था। इस प्राचीन मंदिर में लगे शिलालेख की भाषा का पता नहीं चलता है, जबकि इतिहासकारों के अनुसार जब कृष्ण पुत्र सांब को कुष्ठ रोग हुआ, तब उसने विश्वामित्र नदी (जो अब बसंतर के नाम से मशहूर है) के तट पर तप किया था, व इस शिव स्थल पर जल अभिषेक किया था। सांब के कारण ही इस क्षेत्र का नाम सांबा पड़ा व माहेष जगह के मंदिर के कारण अब इसे माहेश्वर कहा जाता है।
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किवदंतियों के अनुसार एक ग्वाला गाए चराने इस क्षेत्र में आता था। उसकी एक गाए घर जाकर दूध नहीं देती थी। उसने गाय का पीछा किया तो गाए एक पत्थरनुमा शिवलिंग पर खड़ी थी व दूध की धारा बह रही थी। ग्वाले ने शिवलिंग को पत्थर से खंडित कर दिया। तब उसमें से रक्त की धारा निकली थी। बाद में इस स्थान पर छोटा सा मंदिर बनाया गया। आप शंभू मंदिर अब क्षेत्र में काफी मशहूर है।
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सांबा के शिव दोआला का शिव मंदिर भी प्राचीन है। इसको पूर्व में सांबेश्वर कहा जाता था। यहां भी सांब राजा के पूजा करने प्रमाण हैं, जिस कारण इसको सांबेश्वर कहा गया है। मंदिर में महा शिवरात्रि पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाता है।
-श्री श्री 1008 मंहत दत गिरी, महंत, सांबेश्वर मंदिर, सांबा
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रात्रि 12 बजे से ही श्रद्धालु मंदिर में पूजा के लिए आना शुरू हो जाते हैं। सुबह 9 बजे रूद्र अभिषेक होगा। बाद में हवन यज्ञ किया जाएगा। मंगलवार शाम को 4 बजे पूजा अर्चना की जाएगी।
-महंत परसु राम गिरी, गद्दी सेवक, आप शंभू मंदिर, माहेश्वर सांबा
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महा शिवरात्रि पर्व पर आप शंभू मंदिर माहेश्वर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। इसके लिए मंदिर प्रबंधकों की ओर से भी पूरे इंतजाम किए गए है। जिन श्रद्धालुओं ने व्रत रखे हैं। उनके लिए खाने के लिए फलाहार का प्रबंध किया जाएगा।
-एमपी सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता, आप शंभू मंदिर, माहेश्वर सांबा
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जिले के घगवाल, राजपुरा, पलूरा बैनगलाड आदि में स्थित शिव मंदिराें को भी सजाया गया है। धूमधाम के साथ पर्व मनाया जाएगा। पलूरा शिव मंदिर कमेटी के दर्शन चौधरी ने बताया कि हर वर्ष कमेटी की ओर से महा शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। दो वर्ष से महा शिवरात्रि पर्व कोरोना के कारण नहीं मनाया जा सका। अब पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। बाद में लंगर भी बांटा जाएगा।
घगवाल में शिवरात्रि पर सजे मंदिर
घगवाल। घगवाल व राजपुरा में मंगलवार को मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर मंदिर दुल्हन की तरह सज गए हैं। मंगलवार को देशभर में महा शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। लोगों ने महा शिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव के व्रत को लेकर बाजारों में सामग्री की खरीदारी भी की। इसके लिए प्रशासन ने भी विशेष प्रबंध किए। माना जाता है कि जो भी शिव भक्त शिवरात्रि में व्रत रख रात के समय विधिवत पूजा करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। शिव भगवान उनकी रक्षा कर हर संकट से करते हैं। संवाद
लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा
विजयपुर। महाशिवरात्रि को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व मंगलवार को बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। शिव भक्तों ने बताया कि काफी दिन से शिवमंदिरों में सफाई और रंग रोगन किया जा रहा था। इसकी तैयारियां पूरी हो गई हैं। मंगलवार को शिवरात्रि के दिन भोलेनाथ का व्रत रखा जाएगा और पूजा अर्चना की जाएगी। उसी के चलते मंगलवार को शिवभक्तों ने बाजार से खरीदारी की। इस मौके पर लोगों ने शिवलिंग पर चढ़ाने वाला सामान खरीदा। भक्तों ने बताया कि शिवरात्रि के दिन व्रत रखने से और पूजा अर्चना करने से हर प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। यही कारण है कि महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। संवाद