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नेताजी की जयंती पर हुआ कार्यक्रम
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सांबा के नड में नेता जी सुभाष बोस की जंयती पर श्रदांजलि देते हुए
- फोटो : SAMBA
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सांबा। जिले के नड में भारत स्वाभिमान न्यास एवं पतंजलि योग समिति की ओर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर रविवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपस्थित सदस्यों ने नेताजी की प्रतिमा पर फूल अर्पित कर उन्हें याद किया। वहीं उनकी जीवनी पर प्रकाश भी डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि शहीदों की गाथाएं अपने बच्चों को सुनाएं। इस अवसर पर नीलांबर डोगरा, नवीन सिंह, अनुराधा, ब्रजनंदन सिंह, मोहिंदर लाल, सेवानिवृत्त कप्तान रवि सिंह, यशपाल सिंह, रोशन कुमार, रजत कुमार, अजय अबरोल, सिया मेहरा, अदिति मेहरा राहुल कुमार, सेवानिवृत्त कप्तान कुलदीप कुमार सुनेहा मेहरा आदि उपस्थित थे। संवाद
नेताजी के योगदान से आज का युवा प्रेरणा लेता है
विजयपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर विभिन्न संगठनों ने श्रद्धांजलि दी। उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। इस मौके पर भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री चंद्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस भारत के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल हैं जिनसे आज के दौर का युवा प्रेरणा लेता है। सरकार ने नेताजी को जन्मदिन को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया। उन्होंने बताया कि सुभाष चंद्र बोस ने कहा था की तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, जय हिंद जैस नारों से आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की रविवार को 126 वीं जयंती श्रद्धांजलि देकर मनाई। इस मौके पर जयराम शर्मा, सुभाष सिंह जमवाल, उपजीत सिंह जमवाल, नरेंद्र प्रताप सिंह, धीरज शर्मा, सरपंच मोहनलाल शर्मा आदि ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। संवाद
नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन किया
आरएस पुरा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर रविवार को सीमावर्ती गांव बोली चक स्थित चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व सरपंच स्वर्ण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर फूल मालाएं अर्पित कर उन्हें याद किया।
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इस अवसर पर नेताजी के जीवन पर प्रकाश डाला गया और बताया कि नेताजी कटक प्रांत में नौकरी छोड़ स्वाधीनता आंदोलन में कूद गए। पूर्व सरपंच सोहन सिंह ने कहा कि नेताजी सही मायने में स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए बड़ा योगदान दिया। नेताजी ने इंडियन नेशनल आर्मी की स्थापना की। कई लड़ाईयां उन्होंने लड़ीं, और कहा कि देश के ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना हर भारतीय का फर्ज है। इस अवसर पर आजाद हिंद फौज के स्वर्गीय सैनिक ज्ञानचंद के परिजन भी विशेष तौर पर मौजूद थे। ज्ञान चंद के बेटे गुरमीत सिंह ने कहा कि उनके पिता ने आजाद हिंद फौज में सैनिक के तौर पर सेवा कर क्षेत्र का नाम रोशन किया, जिस पर उनके परिवार को मान है । कार्यक्रम के दौरान लोगों में प्रसाद वितरित किया गया। सुभाष चंद्र बोस की याद में स्कूल में पौधरोपण अभियान भी चलाया गया।
भाजपा युवा मोर्चा ने नेताजी को याद किया
अरनिया। भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष सोनू पंडित ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर नमन कर याद किया। कहा कि नेताजी स्वतंत्रता सेनानी महान देशभक्त भक्त थे। जिन्होंने हमेशा देश की भलाई के लिए काम किया।
उन्होंने वर्ष 1930 में कोलकाता में एक भाषण में आधुनिक यूरोप जिसे समाजवाद और फासीवाद कहते हैं के संश्लेषण के लिए अपनी प्राथमिकता व्यक्त की। नेताजी ने बाद में नेहरू के 1933 के बयान की आलोचना की कि साम्यवाद और फासीवाद के बीच कोई बीच का रास्ता नहीं है। इसे मौलिक रूप से गलत बताया।
नेता जा का मानना था कि राष्ट्रवाद और धर्म की अस्वीकृति के कारण साम्यवाद भारत में जमीन हासिल नहीं करेगा और सुझाव दिया कि साम्यवाद और फासीवाद के बीच संश्लेषण इसके बजाय जोर पकड़ सकता है। कहा कि नेताजी ने स्पष्ट रूप से अपना विश्वास व्यक्त किया कि लोकतंत्र भारत के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। उन्होंने फैसला किया कि भारत की गरीबी और सामाजिक असमानताओं को दूर करने के लिए लोकतांत्रिक प्रणाली ही सही हो सकती है।
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नेताजी के योगदान से आज का युवा प्रेरणा लेता है
विजयपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर विभिन्न संगठनों ने श्रद्धांजलि दी। उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। इस मौके पर भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री चंद्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस भारत के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल हैं जिनसे आज के दौर का युवा प्रेरणा लेता है। सरकार ने नेताजी को जन्मदिन को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया। उन्होंने बताया कि सुभाष चंद्र बोस ने कहा था की तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, जय हिंद जैस नारों से आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की रविवार को 126 वीं जयंती श्रद्धांजलि देकर मनाई। इस मौके पर जयराम शर्मा, सुभाष सिंह जमवाल, उपजीत सिंह जमवाल, नरेंद्र प्रताप सिंह, धीरज शर्मा, सरपंच मोहनलाल शर्मा आदि ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। संवाद
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन किया
आरएस पुरा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर रविवार को सीमावर्ती गांव बोली चक स्थित चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व सरपंच स्वर्ण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर फूल मालाएं अर्पित कर उन्हें याद किया।
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इस अवसर पर नेताजी के जीवन पर प्रकाश डाला गया और बताया कि नेताजी कटक प्रांत में नौकरी छोड़ स्वाधीनता आंदोलन में कूद गए। पूर्व सरपंच सोहन सिंह ने कहा कि नेताजी सही मायने में स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए बड़ा योगदान दिया। नेताजी ने इंडियन नेशनल आर्मी की स्थापना की। कई लड़ाईयां उन्होंने लड़ीं, और कहा कि देश के ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना हर भारतीय का फर्ज है। इस अवसर पर आजाद हिंद फौज के स्वर्गीय सैनिक ज्ञानचंद के परिजन भी विशेष तौर पर मौजूद थे। ज्ञान चंद के बेटे गुरमीत सिंह ने कहा कि उनके पिता ने आजाद हिंद फौज में सैनिक के तौर पर सेवा कर क्षेत्र का नाम रोशन किया, जिस पर उनके परिवार को मान है । कार्यक्रम के दौरान लोगों में प्रसाद वितरित किया गया। सुभाष चंद्र बोस की याद में स्कूल में पौधरोपण अभियान भी चलाया गया।
भाजपा युवा मोर्चा ने नेताजी को याद किया
अरनिया। भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष सोनू पंडित ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर नमन कर याद किया। कहा कि नेताजी स्वतंत्रता सेनानी महान देशभक्त भक्त थे। जिन्होंने हमेशा देश की भलाई के लिए काम किया।
उन्होंने वर्ष 1930 में कोलकाता में एक भाषण में आधुनिक यूरोप जिसे समाजवाद और फासीवाद कहते हैं के संश्लेषण के लिए अपनी प्राथमिकता व्यक्त की। नेताजी ने बाद में नेहरू के 1933 के बयान की आलोचना की कि साम्यवाद और फासीवाद के बीच कोई बीच का रास्ता नहीं है। इसे मौलिक रूप से गलत बताया।
नेता जा का मानना था कि राष्ट्रवाद और धर्म की अस्वीकृति के कारण साम्यवाद भारत में जमीन हासिल नहीं करेगा और सुझाव दिया कि साम्यवाद और फासीवाद के बीच संश्लेषण इसके बजाय जोर पकड़ सकता है। कहा कि नेताजी ने स्पष्ट रूप से अपना विश्वास व्यक्त किया कि लोकतंत्र भारत के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। उन्होंने फैसला किया कि भारत की गरीबी और सामाजिक असमानताओं को दूर करने के लिए लोकतांत्रिक प्रणाली ही सही हो सकती है।