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निर्जला एकादशी पर ठंडे मीठे पानी की छबीलें लगाईं

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कोटली शाह दौला के पास सडक किनारे राहगिरों को मीठे पानी का जलपान करवाते हुए - फोटो : RSPURA
सांबा/ घगवाल। जिले में सोमवार को निर्जला एकादशी पर लोगों ने ठंडे मीठे पानी की छबीलें लगाईं। दुकानदारों ने ब्रेड न्युट्री के स्टाल भी लगाए। कोविड के चलते अधिक भीड़ को नहीं जुटने दिया गया। वहीं कुछ लोग ठंडे पानी से परहेज भी करते देखे गए। कस्बे के बाजारों में दुकानदारों ने स्टाल लगाए, बैनगलाड, पंजटीला, कालीबड़ी, राजपुरा, सनूरा, घगवाल, जतवाल आदि में ठंडे मीठे पानी की छबीलें लगाई गईं। राजपुरा की बस्ती दो में वैष्णो देवी मंदिर में महिलाओं ने कीर्तन किया व प्रसाद बांटा। संवाद
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निर्जला एकादशी पर छबील लगाकर कमाया पुण्य
आरएस पुरा। क्षेत्र में इस बार अनेक स्थानों पर निर्जला एकादशी पर काफी कम ठंडे पानी की छबीले लगीं। कई लोगों ने मीठे व ठंडे पानी की छबीलें लगाकर पुण्य कमाया। इस दौरान लोगों ने राहगीरों को लस्सी का स्टाल लगा जलपान कराया।
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कोटली शाह दौला सड़क किनारे अर्द्ध सैनिक कैंटीन चला रहे व्यापारी वर्ग की और से मीठे पानी की छबील लगा राहगीरों को जलपान कराया गया। इसी प्रकार कस्बे के बाजार में भाजपा नेता आकाश चोपड़ा की अध्यक्षता में ठंडी लस्सी का स्टाल लगाया गया। कई मंदिरों में भी निर्जला एकादशी के दिन मीठे पानी की छबील लगाई गई। कस्बे के गीता भवन मंदिर परिसर में स्वामी प्रकाशानंद की अध्यक्षता में राहगीरों को जलपान कराया गया।
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स्वामी प्रकाशानंद कहा कि सनातन धर्म में एकादशी ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि को पड़ने वाली निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। इस एकादशी में पानी पीना पूर्णतया वर्जित है। यही वजह है कि इस एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि निर्जला एकादशी का दिन न केवल धार्मिक प्रवृति से विशेष है, बल्कि यह दिन का वैज्ञानिक महत्व से भी विशेष है। इस दिन गर्मी के इस सीजन में सबसे अधिक गर्म दिन माना जाता है। इस गर्मी से बचने के लिए शरीर को सबसे अधिक पानी की जरूरत होती है। इस गर्मी के तपते मौसम में यदि किसी व्यक्ति को ठंडे पानी की बूंद भी मिल जाए तो वह भी अमृत के समान लगती है। आज के दिन जलपान करवाने पर पुण्य मिलता है।
आकाश चोपड़ा ने कहा कि कोरोना के चलते दो गज की दूरी बनाए जाने के लिए विशेष ध्यान रखा गया। इस बार कोरोना के चलते काफी कम स्थानों पर छबील लगी है। आज ही बाजार खुले हैं, जिसके चलते लोग को लस्सी की छबील लगा जलपान कराया।
निर्जला एकादशी पर लोगों को पिलाया शीतल जल
अरिनया। निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर क्षेत्र में कई स्थानों पर लोगों ने शीतल व मीठे पानी की छबीलें लगाई। इनमें से ज्यादातर पितरों को जल अर्पित करने वाले लोगों के अलावा कुछ वो लोग भी शामिल थे जो अपने बच्चे की अकाल मृत्यु से उनकी याद में छबील लगाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे थे। हालांकि गत वर्ष इस पर्व पर मात्र इक्का-दुक्का लोगों ने ही मीठे जल की छबीलें लगाई थीं। इस बार कोविड-19 में कुछ हद तक कमी आने से जगह-जगह छबीलें लगी देखी गई। संवाद
निर्जला एकादशी पर क्षेत्र में लगाई गईं छबीलें और लंगर
ज्यौड़ियां। निर्जला एकादशी का पर्व क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। क्षेत्र में जगह-जगह छबील तथा लंगर लगाकर राहगीरों को भोजन तथा मीठा पानी पिलाया गया। इसमें ज्यौड़ियां बाजार, ढोकखालसा, खौड़ बाजार, पलांवाला बाजार, देवीपुर बस स्टाप, सौहल बाजार के दुकानदारों, जड , ढोकखालसा, भलवाल ब्राह्मणा, मट्टू, सेलांवाली, पजंतुत, खौड़ कैंप, हमीरपुर सिदड, सैंथ, दतयाल तथा दानपुर आदि स्थानों पर छबील लगाई गई। संवाद
परगवाल में श्रद्धापूर्वक मनाई गई निर्जला एकादशी
परगवाल। निर्जला एकादशी सोमवार को परगवाल के विभिन्न गांवों में धूमधाम के साथ मनाई गई। जगह-जगह लोगों ने छबील लगाकर हर राहगीरों को शीतल जलपान कराया। हर साल परगवाल से माता वैष्णो देवी तक पैदल जाने वाली मंडली ने भी मुख्य बाजार में लंगर और छबील का आयोजन कर निर्जला एकादशी मनाई। उन्होंने माता वैष्णो देवी के मंदिर निर्माण की आधारशिला भी रखी। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पहले दुकानों पर फल बर्तन आदि लेने वाले लोगों की काफी भीड़ जुटी रही, जिससे दुकानदार वर्ग भी खुश दिखा। संवाद
लोगों ने श्रद्धा भक्ति भाव से व्रत रखा
विजयपुर। लोगों ने सोमवार को निर्जला एकादशी का व्रत रखा और मीठे पानी की छबील लगाई। विजयपुर में लोगों ने श्रद्धा भक्ति भाव से व्रत रखा। कई ने तो बिना जल तक ग्रहण किए इस व्रत को सुख समृद्धि, महामारी से छुटकारा, देश की उन्नति व सामाजिक शांति हेतु रखा। निर्जला एकादशी पर महिलाओं ने घरों में पूजा अर्चना की तथा बर्तन, पंखी दान किया। इस मौके पर गंगा राम, विशाल वर्मा, दिनेश कुमार, सोनू शर्मा, परवीन कुमार आदि ने सहयोग दिया। संवाद
मंदिरों और बाजारों में लोगों को शीतल जल पिलाया
अखनूर। निर्जला एकादशी पर्व क्षेत्र में श्रद्धा के साथ मनाई गई। मंदिरों और बाजारों में लोगों को शीतल जल पिलाया गया। हालांकि कोरोना की वजह से अधिकतर लोगों ने घरों में ही पूजा अर्चना की। इसमें देवी देवताओं और पूर्वजों को याद किया। लोगों का कहना है कि इस बार कोरोना के चलते घरों में ही पूजा अर्चना की गई। हालांकि बाजारों और चौराहों में कई जगह स्टाल लगा कर राहगीरों को शीतल पेयजल पिलाया। मंदिरों में भंडारे का भी आयोजन किया गया। संवाद

बाड़ी ब्राह्मणा में लगाया कोल्ड ड्रिंक का स्टाल
बाड़ी ब्राह्मणा। निर्जला एकादशी पर सोमवार को युवाओं की तरफ से कोल्ड ड्रिंक का स्टाल लगाया गया। इसमें राहगीरों को कोल्ड ड्रिंक की सुविधा मुहैया कराई गई। इसके अलावा कई जगह पर मीठे पानी की छबील लगाई गई। युवाओं में सौरभ, राहुल, तरुण, विश्व, साहिल, और सनी ने विशेष तौर पर भाग लिय। संवाद
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