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आईबी पर आरक्षण मिलने पर युवाओं में खुशी
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सांबा। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के साथ रहने वालों को अब नियंत्रण रेख जैसी सुविधाएं मिलेंगी। केंद्र सरकार की ओर से भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की छह किलोमीटर पट्टी में रहने वाले युवाओं को सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सुविधा देने के लिए एसआरओ जारी कर दिया है। इसको लेकर पढे़ लिखे बेरोजगार युवाओं में खुशी की लहर देखने को मिल रही है।
जिले के सीमावर्ती गांव सारथी के चांदनु्, गांव मंगुचक के बलवीर सिंह, चलेआरी के मनोहर लाल और द्वारिका दास ने कहा कि सरकार ने वादा तो काफी पहले किया था लेकिन अब एसआरओ निकाले जाने पर युवाओं को लगने लगा है कि उन्हें सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलेगा। उनके अनुसार शहरी क्षेत्र के युवाओं के साथ सीमावर्ती गांवों के युवक मुकाबला नहीं कर पाते थे, जिसका मुख्य कारण सीमावर्ती गांवों में पाकिस्तान की ओर से जारी रहने वाली गोलाबारी, बिजली जैसी सुविधा का अभाव रहना है। अब आरक्षण मिलने से युवाओं को लगने लगा है कि वह भी प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार का युवाओं को दिए जाने वाले आरक्षण का धन्यवाद किया है।
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जिले के सीमावर्ती गांव सारथी के चांदनु्, गांव मंगुचक के बलवीर सिंह, चलेआरी के मनोहर लाल और द्वारिका दास ने कहा कि सरकार ने वादा तो काफी पहले किया था लेकिन अब एसआरओ निकाले जाने पर युवाओं को लगने लगा है कि उन्हें सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलेगा। उनके अनुसार शहरी क्षेत्र के युवाओं के साथ सीमावर्ती गांवों के युवक मुकाबला नहीं कर पाते थे, जिसका मुख्य कारण सीमावर्ती गांवों में पाकिस्तान की ओर से जारी रहने वाली गोलाबारी, बिजली जैसी सुविधा का अभाव रहना है। अब आरक्षण मिलने से युवाओं को लगने लगा है कि वह भी प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार का युवाओं को दिए जाने वाले आरक्षण का धन्यवाद किया है।
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