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नव चण्डी यज्ञ व संत सम्मेलन के संगत को मंत्रमुग्ध किया
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आरएस पुरा। सीमावर्ती क्षेत्र स्थित शांति कूंज आश्रम सत्तोवाली में चल रहे नव चंडी यज्ञ व संत सम्मेलन में रविवार को संत जोगिंद्र शास्त्री अले वाले व कठुआ से पहुंचे संत अंग्रेज सिंह ने संगत को कथा का रसपान करा मंत्रमुग्ध किया।
कथा वाचक संत जोगिंद्र शास्त्री ने कहा कि मानव जीवन में एक जन्म नहीं अपितु कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही शुभ कर्मों का उदय होता है। इसके श्रवण मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त होकर शांत व स्थिर हो जाता है। संत कुमारों ने भागवत का प्रवचन करते हुए नारद के मन का संशय दूर किया। इसी कथा को धुंधकारी प्रेत ने अपने अग्रज से श्रवण किया और प्रेत मुनि से योनि से मुक्ति पाकर विष्णु लोक को प्राप्त हुए। संत अंग्रेज सिंह ने कहा कि भगवत श्रवण से जीव के सभी पाप कर्म मिट जाते हैं। भगवान विष्णु कहते हैं कि जो मेरी कथा कहता और कराता है, उसके इस लोक के सभी कष्टों का वह हरण करते हैं और अंत में उसे बैकुंठ में वास मिलता है। अंत में सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ कथा संपन्न हुई। जोगिंद्र शास्त्री ने कहा कि 26 मार्च को नव चंडी यज्ञ व संत सम्मेलन के अंतिम दिन भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। हर दिन यहां पहुंचने वाले संत भक्तजनों को कथा का रसपान कराएंगे।
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कथा वाचक संत जोगिंद्र शास्त्री ने कहा कि मानव जीवन में एक जन्म नहीं अपितु कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही शुभ कर्मों का उदय होता है। इसके श्रवण मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त होकर शांत व स्थिर हो जाता है। संत कुमारों ने भागवत का प्रवचन करते हुए नारद के मन का संशय दूर किया। इसी कथा को धुंधकारी प्रेत ने अपने अग्रज से श्रवण किया और प्रेत मुनि से योनि से मुक्ति पाकर विष्णु लोक को प्राप्त हुए। संत अंग्रेज सिंह ने कहा कि भगवत श्रवण से जीव के सभी पाप कर्म मिट जाते हैं। भगवान विष्णु कहते हैं कि जो मेरी कथा कहता और कराता है, उसके इस लोक के सभी कष्टों का वह हरण करते हैं और अंत में उसे बैकुंठ में वास मिलता है। अंत में सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ कथा संपन्न हुई। जोगिंद्र शास्त्री ने कहा कि 26 मार्च को नव चंडी यज्ञ व संत सम्मेलन के अंतिम दिन भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। हर दिन यहां पहुंचने वाले संत भक्तजनों को कथा का रसपान कराएंगे।
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