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सोशल मीडिया युग में ऐसे लोगों से बातचीत करें जो परिचित हों
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डिग्री कॉलेज आरएस पुरा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर गर्ल एनसीसी कैड्टस को प्रमाणपत्र देते हु
- फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा। डिग्री कॉलेज में एनसीसी के सहयोग से सांस्कृतिक और साहित्यिक समिति के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के लिए जेंडर इक्वेलिटी टुडे फॉर सस्टेनेबल टुमॉरो विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में मुख्य अतिथि डॉ. नवनीत कौर ने स्थायी जीवन के लिए लैंगिक समानता कैसे आवश्यक है, के बारे में महिलाओं की भूमिका को प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया का युग है, ऐसे लोगों से बातचीत करनी चाहिए जो परिचित हों। आज साइबर अपराध में हो रही बढ़ोतरी सभी के लिए चिंताजनक है। युवतियों को अपने अधिकारों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।
विशेष अतिथि यूनेस्को-लिंग समानता महिला एवं बाल संरक्षण के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरजे जूही मोहन ने कहा कि महिलाएं व युवतियां अश्लील गीतों को अधिक तरजीह न दें, जिसमें बेहतर संदेश न हो। विद्यार्थियों को दो वर्ष में ही ऑनलाइन से पढ़ाई करनी पड़ी, जिससे उन्हें जानकारी मिल पाई। मुख्य अतिथि ने स्वच्छ भारत, हरित भारत की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज में कीनू का पौधा भी लगाया।
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प्राचार्य प्रो. सुनील उप्पल ने कार्यशाला की पहल के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्हें अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय से मानवता की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया। कार्यशाला का आयोजन डॉ. अनुराधा, संयोजक, सी एंड एलसी की देखरेख में किया गया।
कार्यशाला में डॉ. नवनीत, एएनओ लेफ्टिनेंट श्वेता चौधरी, डॉ. किरण पठानिया, प्रो. विजय कुमारी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया का युग है, ऐसे लोगों से बातचीत करनी चाहिए जो परिचित हों। आज साइबर अपराध में हो रही बढ़ोतरी सभी के लिए चिंताजनक है। युवतियों को अपने अधिकारों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।
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विशेष अतिथि यूनेस्को-लिंग समानता महिला एवं बाल संरक्षण के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरजे जूही मोहन ने कहा कि महिलाएं व युवतियां अश्लील गीतों को अधिक तरजीह न दें, जिसमें बेहतर संदेश न हो। विद्यार्थियों को दो वर्ष में ही ऑनलाइन से पढ़ाई करनी पड़ी, जिससे उन्हें जानकारी मिल पाई। मुख्य अतिथि ने स्वच्छ भारत, हरित भारत की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज में कीनू का पौधा भी लगाया।
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प्राचार्य प्रो. सुनील उप्पल ने कार्यशाला की पहल के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्हें अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय से मानवता की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया। कार्यशाला का आयोजन डॉ. अनुराधा, संयोजक, सी एंड एलसी की देखरेख में किया गया।
कार्यशाला में डॉ. नवनीत, एएनओ लेफ्टिनेंट श्वेता चौधरी, डॉ. किरण पठानिया, प्रो. विजय कुमारी मौजूद रहे।