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युवा पीढ़ी को भाषाई समृद्धि और सांस्कृतिक विविधता से जोड़ें : एलजी
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दिल्ली में पूर्वांचल महोत्सव माटी के 8वें संस्करण कार्यक्रम में संबोधन करते उपराज्यपाल मनोज सिन
कहा - पूर्वांचल ने हमारे पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित किया, दिल्ली में महोत्सव का 8वां संस्करण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जोर दिया है कि आने वाली पीढ़ी को भाषाई समृद्धि, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं से जोड़ा जाए। ये भावनात्मक जुड़ाव, शांति, आदर्श और प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। पूर्वांचल ने हमारी विविध संस्कृति को मजबूत करने के साथ हमारे पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित किया है। इसके मानवता को दिए मूल्य को कभी मिटाया नहीं जा सकता है। उपराज्यपाल शनिवार को दिल्ली में पूर्वांचल महोत्सव माटी के 8वें संस्करण में बोल रहे थे।
उपराज्यपाल ने कहा कि हमारे कई पूर्वज समाज के लिए एक समृद्ध विरासत छोड़ गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करती है। उन्होंने पूर्वांचल के स्वतंत्रता सेनानियों, लेखकों, कलाकारों और उद्योगपतियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण के लिए समर्पण के साथ काम किया। हजारों वर्षों से भाषा की विविधता और पूर्वांचल के साहित्य ने संस्कृति के बारे में हमारे दृष्टिकोण को एक आकार देकर दुनिया भर में सांस्कृतिक कैनवास को प्रभावित किया है। इस महोत्सव के पिछले सात आयोजन पूर्वांचल की समृद्ध कला और संस्कृति तथा बौद्धिक परंपराओं की जीवंतता को रेखांकित करते हैं। पूर्वांचल के आकाश में हजारों महान सितारे हैं। उनकी रचनाओं और उनके आदर्शों से अधिक पवित्र और कीमती कुछ भी नहीं है। उपराज्यपाल ने छात्रवृत्ति, नौकरी, स्टार्टअप, युवाओं के लिए उद्यमिता और प्रस्तावित सांस्कृतिक केंद्र के माध्यम से संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगभग 51000 शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ने के सराहनीय प्रयासों के लिए माटी ट्रस्ट की सराहना की। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने माटी सम्मान पाने वाले लोगों को बधाई दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जोर दिया है कि आने वाली पीढ़ी को भाषाई समृद्धि, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं से जोड़ा जाए। ये भावनात्मक जुड़ाव, शांति, आदर्श और प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। पूर्वांचल ने हमारी विविध संस्कृति को मजबूत करने के साथ हमारे पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित किया है। इसके मानवता को दिए मूल्य को कभी मिटाया नहीं जा सकता है। उपराज्यपाल शनिवार को दिल्ली में पूर्वांचल महोत्सव माटी के 8वें संस्करण में बोल रहे थे।
उपराज्यपाल ने कहा कि हमारे कई पूर्वज समाज के लिए एक समृद्ध विरासत छोड़ गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करती है। उन्होंने पूर्वांचल के स्वतंत्रता सेनानियों, लेखकों, कलाकारों और उद्योगपतियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण के लिए समर्पण के साथ काम किया। हजारों वर्षों से भाषा की विविधता और पूर्वांचल के साहित्य ने संस्कृति के बारे में हमारे दृष्टिकोण को एक आकार देकर दुनिया भर में सांस्कृतिक कैनवास को प्रभावित किया है। इस महोत्सव के पिछले सात आयोजन पूर्वांचल की समृद्ध कला और संस्कृति तथा बौद्धिक परंपराओं की जीवंतता को रेखांकित करते हैं। पूर्वांचल के आकाश में हजारों महान सितारे हैं। उनकी रचनाओं और उनके आदर्शों से अधिक पवित्र और कीमती कुछ भी नहीं है। उपराज्यपाल ने छात्रवृत्ति, नौकरी, स्टार्टअप, युवाओं के लिए उद्यमिता और प्रस्तावित सांस्कृतिक केंद्र के माध्यम से संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगभग 51000 शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ने के सराहनीय प्रयासों के लिए माटी ट्रस्ट की सराहना की। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने माटी सम्मान पाने वाले लोगों को बधाई दी।
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