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मकर संक्रांति पर मनाई गई खजूरिया बिरादरी की वार्षिक मेल
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जम्मू। बागे बाहु स्थित श्री बाबा अंबो देव स्थान पर मक्र सक्रांति पर खजूरिया बिरादरी की वार्षिक मेल मनाई गई। यह धार्मिक कार्यक्रम कोविड नियमों का पालन करते हुए अजीत खजूरिया की अध्यक्षता में हुआ। इसमें बिरादरी के लोगों ने हिस्सा लेकर कुल देव के दरबार में शीश नवा कर प्रदेश में सुख शांति एवं कोरोना के खात्मे की कामना की।
अध्यक्ष अजीत खजूरिया के नेतृत्व में सुबह के समय धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सुबह से ही बिरादरी के लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत हवन यज्ञ से की गई। कोरोना के चलते इस बार मेले और लंगर का आयोजन नहीं किया गया है।
बिरादरी के उपाध्यक्ष सुदर्शन खजूरिया ने बताया कि कोविड नियमों का पालन करते हुए करीब 12 हजार बिरादरी के सदस्यों ने हिस्सा लेकर देव स्थान में शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। दिल्ली, हिमाचल और पंजाब से भी काफी संख्या में बिरादरी के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भक्तों को प्रसाद की जगह पैकेट बंद खिचड़ी वितरित की गई। जब से महमारी शुरू हुई है तो मेल का धूमधाम से आयोजन नहीं किया जा रहा है। विगत वर्षों के सैकड़ों सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। मकर संक्रांति के दिन धार्मिक परंपरा अनुसार खजूरिया बिरादरी प्रति वर्ष मेल मनाती है। बिरदारी के सदस्य एकत्र हो कर मन्नतें मांगते हैं। मान्यता है कि कुल देवी हर मन्नत को पूर्ण करती हैं। मौके पर प्रमुख सचिव अनिल खजूरिया, यशपाल खजूरिया आदि उपस्थित रहे।
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दर्शन के बाद लौटाए गए बिरादरी सदस्य
मेल में काफी संख्या में बिरादरी के सदस्यों ने कोविड नियमों का पालन करते हुए हिस्सा लिया। मंदिर में ज्यादा भी नहीं लगाई गई। बिरादरी के सदस्यों को एकत्र नहीं होने दिया गया। जो भक्त दर्शन करने आ रहे थे उन्हें दर्शन करवाकर वापस भेजा जा रहा था। सरकार की ओर से जारी सभी दिशानिर्देशों का पालन किया गया।
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अध्यक्ष अजीत खजूरिया के नेतृत्व में सुबह के समय धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सुबह से ही बिरादरी के लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत हवन यज्ञ से की गई। कोरोना के चलते इस बार मेले और लंगर का आयोजन नहीं किया गया है।
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बिरादरी के उपाध्यक्ष सुदर्शन खजूरिया ने बताया कि कोविड नियमों का पालन करते हुए करीब 12 हजार बिरादरी के सदस्यों ने हिस्सा लेकर देव स्थान में शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। दिल्ली, हिमाचल और पंजाब से भी काफी संख्या में बिरादरी के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भक्तों को प्रसाद की जगह पैकेट बंद खिचड़ी वितरित की गई। जब से महमारी शुरू हुई है तो मेल का धूमधाम से आयोजन नहीं किया जा रहा है। विगत वर्षों के सैकड़ों सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। मकर संक्रांति के दिन धार्मिक परंपरा अनुसार खजूरिया बिरादरी प्रति वर्ष मेल मनाती है। बिरदारी के सदस्य एकत्र हो कर मन्नतें मांगते हैं। मान्यता है कि कुल देवी हर मन्नत को पूर्ण करती हैं। मौके पर प्रमुख सचिव अनिल खजूरिया, यशपाल खजूरिया आदि उपस्थित रहे।
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दर्शन के बाद लौटाए गए बिरादरी सदस्य
मेल में काफी संख्या में बिरादरी के सदस्यों ने कोविड नियमों का पालन करते हुए हिस्सा लिया। मंदिर में ज्यादा भी नहीं लगाई गई। बिरादरी के सदस्यों को एकत्र नहीं होने दिया गया। जो भक्त दर्शन करने आ रहे थे उन्हें दर्शन करवाकर वापस भेजा जा रहा था। सरकार की ओर से जारी सभी दिशानिर्देशों का पालन किया गया।