{"_id":"609194648ebc3ed2b2437fb1","slug":"cultural-akhnoor-news-jmu2347005164","type":"story","status":"publish","title_hn":"सशस्त्र बल के बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सशस्त्र बल के बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखनूर। मेजर जनरल राजीव गढिहोके जनरल ऑफिसर कमांडिंग, क्रॉस स्वॉर्ड्स डिवीजन ने 1971 के भारत-पाक युद्ध की स्वर्ण जयंती मनाने के लिए मंगलवार को अखनूर में सम्मान समारोह आयोजित किया। इसमें सशस्त्र बल के बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। जिन्होंने युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।
16 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक नई दिल्ली में स्वर्णिम विजय मशाल जलाई, जो चार मई को अखनूर पहुंची है। पचास साल पहले लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी की कमान में 93,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों ने बिना शर्त भारतीय सशस्त्र बल के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान की मुक्ति हुई और बांग्लादेश के संप्रभु राष्ट्र का निर्माण हुआ। मेजर जनरल राजीव गढिहोके, जीओसी, क्रॉस स्वॉर्ड्स डिवीजन विभिन्न वीरतापूर्ण लड़ाईयों में सशस्त्र बलों की उपलब्धियों पर कहा कि सेना ने हमेशा देश की संप्रभुता को बनाए रखते हुए वीरता और कर्तव्य के प्रति समर्पण को कायम रखते हुए प्रदर्शन किया है। उन्होंने सियाचिन के युद्ध क्षेत्रों से उत्तर पूर्व के पहाड़ों पर तैनात सैनिकों के बलिदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेना कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
16 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक नई दिल्ली में स्वर्णिम विजय मशाल जलाई, जो चार मई को अखनूर पहुंची है। पचास साल पहले लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी की कमान में 93,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों ने बिना शर्त भारतीय सशस्त्र बल के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान की मुक्ति हुई और बांग्लादेश के संप्रभु राष्ट्र का निर्माण हुआ। मेजर जनरल राजीव गढिहोके, जीओसी, क्रॉस स्वॉर्ड्स डिवीजन विभिन्न वीरतापूर्ण लड़ाईयों में सशस्त्र बलों की उपलब्धियों पर कहा कि सेना ने हमेशा देश की संप्रभुता को बनाए रखते हुए वीरता और कर्तव्य के प्रति समर्पण को कायम रखते हुए प्रदर्शन किया है। उन्होंने सियाचिन के युद्ध क्षेत्रों से उत्तर पूर्व के पहाड़ों पर तैनात सैनिकों के बलिदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेना कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
विज्ञापन