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Jammu News: शोधकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में शोध मुद्दे का चयन करें
Mon, 07 Aug 2023 01:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 07 Aug 2023 01:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के वीसी प्रो. संजीव जैन ने कहा कि शोधकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में शोध मुद्दे का चयन करें। इसके अनुसार भारत केंद्रित अनुसंधान का माहौल भी बनाएं। शैक्षिक अध्ययन विभाग की ओर से भारत-केंद्रित अनुसंधान, अवसर और चुनौतियां विषय पर दो दिवसीय आईसीएसएसआर राष्ट्रीय कार्यशाला में वीसी प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने प्रतिभागियों को भारत आधारित परिस्थितियों और संदर्भ में अनुसंधान करने के लिए ज्ञान और समझ रखने का सुझाव दिया। उन्होंने पाठ्यक्रम संरचनाओं, कार्यक्रम डिजाइनिंग और मूल्यांकन प्रक्रियाओं से संबंधित विभिन्न पहलों के बारे में विचार रखे। वीसी ने कहा कि विभिन्न विषयों में अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
शिक्षा अध्ययन विभाग के अध्यक्ष डॉ. जेएन बलिया ने कहा कि प्राचीन भारत में समृद्ध सभ्यता थी। उन्होंने कहा कि भारत-केंद्रित अनुसंधान किया जा सकता है। इसमें भारतीय वास्तुकार, भौतिकी, रसायन विज्ञान, शिल्प कला, नाट्य कला आदि शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने विज्ञान को एकीकृत करने का आग्रह किया। इस मौके पर प्रो. सरोज शर्मा, प्रो. गिरीश नाथ झा, प्रो. विशाल सूद समेत अन्य उपस्थित रहे।
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जम्मू। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के वीसी प्रो. संजीव जैन ने कहा कि शोधकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में शोध मुद्दे का चयन करें। इसके अनुसार भारत केंद्रित अनुसंधान का माहौल भी बनाएं। शैक्षिक अध्ययन विभाग की ओर से भारत-केंद्रित अनुसंधान, अवसर और चुनौतियां विषय पर दो दिवसीय आईसीएसएसआर राष्ट्रीय कार्यशाला में वीसी प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने प्रतिभागियों को भारत आधारित परिस्थितियों और संदर्भ में अनुसंधान करने के लिए ज्ञान और समझ रखने का सुझाव दिया। उन्होंने पाठ्यक्रम संरचनाओं, कार्यक्रम डिजाइनिंग और मूल्यांकन प्रक्रियाओं से संबंधित विभिन्न पहलों के बारे में विचार रखे। वीसी ने कहा कि विभिन्न विषयों में अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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शिक्षा अध्ययन विभाग के अध्यक्ष डॉ. जेएन बलिया ने कहा कि प्राचीन भारत में समृद्ध सभ्यता थी। उन्होंने कहा कि भारत-केंद्रित अनुसंधान किया जा सकता है। इसमें भारतीय वास्तुकार, भौतिकी, रसायन विज्ञान, शिल्प कला, नाट्य कला आदि शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने विज्ञान को एकीकृत करने का आग्रह किया। इस मौके पर प्रो. सरोज शर्मा, प्रो. गिरीश नाथ झा, प्रो. विशाल सूद समेत अन्य उपस्थित रहे।
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